Dr. Reddy's Laboratories ने अपने semaglutide पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए दो नए ब्रांड्स, Obeda Pro और Obeda Plus पेश किए हैं। जुलाई में पुराने इंजेक्शन को क्वालिटी चिंताओं के कारण वापस लेने के बाद कंपनी ने अब Hetero Labs के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
जुलाई में अपनी पिछली Obeda इंजेक्टेबल को वापस लेने के बाद, Dr. Reddy's Laboratories ने अब बाजार में वापसी की है। कंपनी का लक्ष्य डायबिटीज और वजन घटाने वाले तेजी से बढ़ते मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखना है, जिसके 2030 तक काफी विस्तार की उम्मीद है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी प्रोडक्शन रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पिछला वर्जन OneSource Specialty Pharma द्वारा बनाया जा रहा था, लेकिन अब Obeda Pro और Obeda Plus का निर्माण Hetero Labs के जरिए किया जाएगा। निवेशकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सप्लाई चेन को स्थिर करने और क्वालिटी से जुड़ी पुरानी चिंताओं को दूर करने की एक कोशिश है।
कॉम्पिटिटिव माहौल और मार्केट शेयर
भारत में GLP-1 एगोनिस्ट दवाओं का बाजार काफी प्रतिस्पर्धी हो गया है। हालांकि, Dr. Reddy's अभी भी वॉल्यूम के मामले में आगे है। सितंबर तक के डेटा के अनुसार, कंपनी ने लगभग 4,42,000 यूनिट्स बेची हैं, जबकि Sun Pharma ने करीब 1,51,000 यूनिट्स के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।
निवेशकों के लिए रिस्क
पिछला रिकॉल क्वालिटी से जुड़ी टेक्निकल खामियों की ओर इशारा करता था। हालांकि कंपनी ने अब तक यह पूरी तरह साफ नहीं किया है कि वे पुरानी 'इम्प्यूरिटी' की समस्याएं पूरी तरह हल हो गई हैं या नहीं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि डॉक्टर और मरीज इन नए ब्रांड्स को कैसे स्वीकार करते हैं और क्या Hetero Labs के साथ साझेदारी से सप्लाई की निरंतरता बनी रहती है।
