डॉ. रेड्डीज़ ने हेपेटाइटिस ई वैक्सीन लॉन्च की, एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती का समाधान

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
डॉ. रेड्डीज़ ने हेपेटाइटिस ई वैक्सीन लॉन्च की, एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती का समाधान
Overview

डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज ने हेवॅक्सिन (Hevaxin) लॉन्च की है, जो वयस्कों में हेपेटाइटिस ई संक्रमण के लिए भारत का पहला स्वीकृत रिकॉम्बिनेंट वैक्सीन है। डीसीजीआई (DCGI) द्वारा समर्थित यह वैक्सीन एक गंभीर अनमेट मेडिकल नीड को पूरा करती है, क्योंकि हेपेटाइटिस ई भारत में एक्यूट लिवर फेलियर और मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है। यह लॉन्च राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (National Viral Hepatitis Control Programme) का समर्थन करता है, जिसका लक्ष्य रोग के बोझ को कम करना और डॉ. रेड्डीज़ के निवारक स्वास्थ्य सेवा पोर्टफोलियो का विस्तार करना है।

डॉ. रेड्डीज़ ने हेपेटाइटिस ई वायरस (HEV) संक्रमण की रोकथाम के लिए हेवॅक्सिन (Hevaxin) पेश किया है, जो भारत में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रगति का प्रतीक है। वैक्सीन को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) ने 18 से 65 वर्ष की आयु के वयस्कों में HEV के खिलाफ सक्रिय टीकाकरण के लिए मंजूरी दी है। नैदानिक परीक्षणों (Clinical trials) में इसकी सुरक्षात्मक प्रभावकारिता, दीर्घकालिक प्रतिरक्षा का समर्थन करने की क्षमता, और स्थापित सुरक्षा और सहनशीलता प्रोफ़ाइल का प्रदर्शन किया गया है।

डॉ. रेड्डीज़ में ब्रैंडेड मार्केट्स (भारत और उभरते बाजार) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एम.वी. रमणा ने कहा, "हेवॅक्सिन (Hevaxin) का लॉन्च निवारक स्वास्थ्य सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करने और हमारे वैक्सीन पोर्टफोलियो को उन्नत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है." उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हेपेटाइटिस ई एक गंभीर खतरा है, विशेष रूप से क्रोनिक लिवर रोग (chronic liver disease) वाले रोगियों के लिए, जो अक्सर एक्यूट-ऑन-क्रोनिक लिवर फेलियर (acute-on-chronic liver failure) और उच्च मृत्यु दर का कारण बनता है। हेवॅक्सिन एक फर्स्ट-इन-क्लास निवारक विकल्प प्रदान करता है, जो एक गंभीर अनमेट रोगी आवश्यकता को पूरा करता है।

हेवॅक्सिन (Hevaxin) का परिचय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक प्रमुख पहल, राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (National Viral Hepatitis Control Programme) को भी बढ़ावा देगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे भारत में हेपेटाइटिस ई से जुड़े रुग्णता (morbidity) और मृत्यु दर (mortality) को काफी कम करना है। डॉ. रेड्डीज़ ने वैक्सीन की घरेलू मार्केटिंग और वितरण के लिए शेन्ज़ेन मेलो होप फार्मा (Shenzhen Mellow Hope Pharm) और उरीहक फार्मास्युटिकल (Urihk Pharmaceutical) के साथ साझेदारी की है।

विश्व स्तर पर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) रिपोर्ट करता है कि हेपेटाइटिस ई सालाना लगभग 20 मिलियन लोगों को संक्रमित करता है, जिससे 3.4 मिलियन बीमारियाँ, 70,000 मौतें और 3,000 गर्भपात होते हैं। भारत में, यह एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, जो सभी एक्यूट हेपेटाइटिस मामलों का 40% तक और एक्यूट लिवर फेलियर मामलों का 15-45% योगदान करती है। WHO ने पहले भी अपने इंटरनेशनल कोऑर्डिनेटिंग ग्रुप (ICG) तंत्र के तहत एक हेपेटाइटिस ई वैक्सीन को मंजूरी दी है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.