मार्च 2026 में सेमाग्लूटाइड का पेटेंट खत्म होते ही भारतीय फार्मा सेक्टर में एक बड़ा तूफ़ान आने वाला है! Dr. Reddy's Laboratories इस मौके का फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपना जेनेरिक सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन, जिसे 'Obeda' नाम दिया गया है, लॉन्च करने जा रही है। यह कदम बाजार में पहले से चल रही गलाकाट प्रतिस्पर्धा को और तेज कर देगा, और लाखों भारतीयों के लिए महंगी GLP-1 थेरेपी को बेहद सस्ता बना देगा।
करीब ₹1.09 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली Dr. Reddy's Laboratories, जिसका TTM P/E रेशियो लगभग 23.03 है, मार्च 2026 तक 'Obeda' को बाजार में उतारने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य पहले साल में 1.2 करोड़ इंजेक्टेबल पेन की बिक्री करना है। यह आक्रामक वॉल्यूम रणनीति एक तेज प्राइसिंग (कीमत निर्धारण) पर आधारित है, जिसमें ओरिजिनल प्रोडक्ट्स की तुलना में 60% तक की छूट का अनुमान है, और प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर यह 75% तक भी जा सकती है। फिलहाल, कंपनी का शेयर लगभग ₹1,305 पर ट्रेड कर रहा है।
Dr. Reddy's अकेली नहीं है जो इस दौड़ में शामिल हो रही है। सेमाग्लूटाइड पेटेंट एक्सपायरी के बाद कम से कम 15 भारतीय दवा कंपनियां इस फील्ड में उतर रही हैं। इनमें Sun Pharma (जो Noveltreat और Sematrinity लॉन्च कर रही है), Zydus Lifesciences, Alkem Laboratories, Cipla और Eris Lifesciences (Natco Pharma के साथ मिलकर) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। Sun Pharma पहले ही वजन घटाने और डायबिटीज दोनों के लिए अप्रूवल हासिल कर चुकी है।
फिलहाल, Ozempic जैसी दवाओं की कीमत ₹8,800 से ₹11,175 प्रति माह है, जबकि Wegovy की कीमत ₹17,000 से ₹26,000 मासिक तक जाती है। इसी तरह, Eli Lilly की Mounjaro, जो एक दूसरी थेरेपी है, ₹14,000 से ₹27,500 प्रति माह के बीच बिक रही है। उम्मीद है कि जेनेरिक दवाओं की कीमतें ₹12,000 से घटकर ₹3,000 प्रति माह तक आ सकती हैं। इससे न केवल मरीजों का खर्च कम होगा, बल्कि भारत में मोटापे के ₹1,400 करोड़ के बाजार के अगले एक साल में दोगुना होने की भी उम्मीद है।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रेस में कई कंपनियां उतरने से एक अनवरत प्राइस वॉर (कीमतों की जंग) का खतरा है, जिससे सभी कंपनियों के मुनाफे (प्रॉफिट) पर दबाव पड़ सकता है। Novo Nordisk जैसी मौजूदा दिग्गज कंपनियां अपने मार्केट एक्सक्लूसिविटी (बाजार एकाधिकार) को बचाने के लिए कानूनी दांव-पेच का सहारा ले सकती हैं। Dr. Reddy's को ₹1,313.16 के एवरेज टारगेट प्राइस और 'होल्ड' रेटिंग का सामना करना पड़ रहा है।
फिर भी, विश्लेषकों का अनुमान है कि जेनेरिक सेमाग्लूटाइड लॉन्च से भारतीय फार्मा बाजार की ग्रोथ में 0.5% से 1% तक का इजाफा हो सकता है। घरेलू सेमाग्लूटाइड बाजार 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, और ग्लोबल GLP-1 मार्केट 2026 में 58 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। Dr. Reddy's की कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स और आक्रामक प्राइसिंग की रणनीति भविष्य में GLP-1 दवाओं के वैल्यूएशन्स (मूल्यांकन) को नया आकार दे सकती है, लेकिन कंपनी को इस घने नियामक और प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी सफलता साबित करनी होगी।