मुनाफे में गिरावट के बावजूद Dr. Lal PathLabs में तूफानी तेजी
BSE पर Dr. Lal PathLabs के शेयर 20% के अपर सर्किट को छूने के बाद मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। यह उछाल ऐसे समय में आया जब कंपनी ने Q4 FY26 के लिए 15.1% की सालाना गिरावट के साथ ₹132 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹156 करोड़ था।
इस प्रॉफिट में गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल Q4 FY25 में सब्सिडियरी Suburban Diagnostics (India) Private Limited के लिक्विडेशन से जुड़ा ₹41 करोड़ का एकमुश्त टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit) था। इस एकमुश्त लाभ को हटा दें तो, कंपनी का नॉर्मलाइज्ड प्रॉफिट (Normalized Profit) 15.1% बढ़ा है, जो कि कंपनी के दमदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस (Operational Performance) को दर्शाता है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में 16.6% की शानदार सालाना बढ़ोतरी हुई और यह ₹702 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती का संकेत है।
वैल्यूएशन पर दांव लगा रहे हैं निवेशक
फिलहाल, Dr. Lal PathLabs का शेयर ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 44.5x से 47.7x के बीच कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज फर्मों (Brokerage Firms) का मानना है कि यह वैल्यूएशन ऐतिहासिक औसत और पिछले सात सालों के निचले स्तरों से काफी कम है, जो निवेशकों के लिए एक आकर्षक एंट्री पॉइंट (Entry Point) साबित हो रहा है।
एनालिस्ट्स की राय और सेक्टर की मजबूती
भारतीय डायग्नोस्टिक्स सेक्टर (Diagnostics Sector) में इस वक्त अच्छी तेजी देखी जा रही है, और उम्मीद है कि यह Q4 FY26 में फार्मा और हॉस्पिटल्स सेगमेंट से आगे निकल जाएगा। Dr. Lal PathLabs का प्रदर्शन भी इसी ट्रेंड के अनुरूप है, जिसमें Q4 FY26 में सैंपल वॉल्यूम (Sample Volumes) में 13% की वृद्धि हुई।
साथ ही, Metropolis Healthcare (P/E लगभग 71.58x) और Vijaya Diagnostic Centre (P/E लगभग 73.04x) जैसे दूसरे बड़े खिलाड़ियों के मुकाबले Dr. Lal PathLabs का वैल्यूएशन काफी किफायती नजर आ रहा है। JM Financial, Nomura और Emkay Global जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने 'बाय' (Buy) रेटिंग बरकरार रखी है, जिनके टारगेट प्राइस ₹1740 से ₹2995 तक हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी का मजबूत बैलेंस शीट (Balance Sheet) भविष्य में रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisitions) में मदद करेगा और FY26 से FY29 तक प्रति शेयर आय (EPS) 15% सालाना की दर से बढ़ने का अनुमान है। कंपनी का P/E रेशियो 44.5x इसके ऐतिहासिक मीडियन 56.00x से काफी नीचे है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं। भले ही रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रही, लेकिन EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) 26.6% से घटकर 28% रह गया, जिसका कारण विस्तार (Expansion) पर खर्च है। एनालिस्ट्स का कहना है कि Metropolis Healthcare (24%) और Vijaya Diagnostic Centre (20%) जैसी कंपनियों के मुकाबले Dr. Lal PathLabs की 11% की रेवेन्यू ग्रोथ थोड़ी कम है। अगले कुछ सालों में कंपनी की अनुमानित सालाना रेवेन्यू ग्रोथ 9.3% है, जो इंडस्ट्री औसत 21% से कम है। कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त (Debt-free) है और बेहतर रिटर्न रेशियो (Return Ratios) दिखाती है, लेकिन बढ़ती लागतों और प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
भविष्य की रणनीति और डिविडेंड
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 10-15% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है, साथ ही EBITDA मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। भविष्य में कीमतों में कुछ बढ़ोतरी भी संभव है। कंपनी की मजबूत कैश पोजीशन (Cash Position) निवेश और विकास योजनाओं में लचीलापन प्रदान करती है। एनालिस्ट्स अगले दो सालों में रेवेन्यू, EBITDA और PAT में क्रमशः 14%, 16%, और 20% CAGR की उम्मीद कर रहे हैं। कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹4 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी सुझाया है, जो शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
