नतीजों का पूरा ब्यौरा
Dr Lal PathLabs ने Q3 FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसके अनुसार कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 10.6% बढ़कर ₹660 करोड़ रहा। पिछले नौ महीनों (9M FY26) में, रेवेन्यू 10.8% बढ़कर ₹2,060 करोड़ तक पहुंच गया।
प्रति मरीज रेवेन्यू (Revenue per patient) में 7.7% की वृद्धि देखी गई, जो ₹927 रहा। यह बेहतर टेस्ट मिक्स और भौगोलिक योगदान का संकेत देता है।
रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ का विश्लेषण
जहां एक ओर रेवेन्यू प्रति मरीज बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर कंपनी के कुल पेशेंट वॉल्यूम ग्रोथ में नरमी देखी गई, जो तिमाही के लिए सिर्फ 2.7% रही। इसका मुख्य कारण मौसमी बुखार से संबंधित टेस्टों में आई कमी बताया जा रहा है, जो आमतौर पर इस अवधि में वॉल्यूम बढ़ाते हैं। नौ महीनों के लिए पेशेंट वॉल्यूम ग्रोथ 4.4% रही, जबकि सैंपल ग्रोथ 9.6% दर्ज की गई।
EBITDA और PAT में क्या रहा हाल?
एक ₹30 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम (जो लेबर कोड के कार्यान्वयन से संबंधित है) को छोड़कर, EBITDA में 16.3% की जोरदार वृद्धि हुई और यह ₹179 करोड़ पर पहुंच गया। इससे EBITDA मार्जिन 27.2% रहा। नौ महीनों के लिए EBITDA ₹596 करोड़ रहा, जो 13.1% अधिक है, और मार्जिन 28.9% पर रहा।
हालांकि, Q3 FY26 के लिए PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) ₹91 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.1% कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से ₹30 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम के कारण है। लेकिन, नौ महीनों की अवधि के लिए PAT में 12.2% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹378 करोड़ रहा। तिमाही के लिए प्रति शेयर आय (EPS) ₹5.4 रही।
आगे की राह: 'Sovaaka' और विस्तार योजनाएं
कंपनी के मैनेजमेंट ने FY26 के लिए ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ 11-12% पर बनाए रखने का भरोसा जताया है। कंपनी अब प्योर डायग्नोस्टिक्स से हटकर प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर फोकस कर रही है। इसके तहत, उन्होंने 'Sovaaka' नामक एक पर्सनलाइज्ड प्रिवेंटिव हेल्थ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके अलावा, स्पेशलाइज्ड टेस्टिंग (जैसे ऑन्कोलॉजी, जीनोमिक्स) और फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए छोटे शहरों (Tier 3/4) में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। कंपनी इनऑर्गेनिक ग्रोथ के अवसरों की भी तलाश कर रही है।
रिस्क और आउटलुक
पेशेंट वॉल्यूम ग्रोथ में आई नरमी एक मुख्य जोखिम है जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी। कंपनी की 'Sovaaka' जैसे नए पहलों और छोटे शहरों में विस्तार से वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। FY26 के लिए CAPEX ₹150-160 करोड़ रहने का अनुमान है, जो प्रिसिजन डायग्नोस्टिक्स और 'Sovaaka' को बढ़ावा देने के लिए है। कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है, और 31 दिसंबर, 2025 तक उनके पास ₹1,411 करोड़ का नेट कैश बैलेंस है।