Divi's Laboratories ने Q3 FY26 के अपने कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए, जहां कंपनी के रेवेन्यू में तो 12.1% की जोरदार ग्रोथ दिखी, लेकिन नेट प्रॉफिट (PAT) 1% घटकर ₹583 करोड़ पर आ गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह प्रॉफिट ₹589 करोड़ था।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें, तो कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 12.2% बढ़कर ₹2,578 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन PAT में 0.7% की मामूली बढ़त के साथ यह ₹598 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹594 करोड़ था।
9 महीने यानी 9M FY26 की अवधि के लिए कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.8% बढ़कर ₹8,081 करोड़ हुआ, और कंसोलिडेटेड PAT में 18.8% की जोरदार उछाल के साथ यह ₹1,817 करोड़ पर पहुंच गया। स्टैंडअलोन PAT भी 20.0% बढ़कर ₹1,851 करोड़ पर पहुंच गया।
Q3 में प्रॉफिट में आई इस हल्की गिरावट की मुख्य वजह एक ₹74 करोड़ का 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) है, जो नए लेबर कोड्स के तहत मिलने वाले कर्मचारियों के लाभों से जुड़ा है। Profit Before Tax (PBT) में 7.4% की बढ़त दर्ज हुई और यह ₹780 करोड़ रहा। कंपनी को फॉरेन एक्सचेंज (Forex) से ₹19 करोड़ का गेन भी हुआ, जो पिछले साल ₹10 करोड़ था।
कंपनी के सामने मुख्य रिस्क नए लेबर कोड्स से जुड़ा ₹74 करोड़ का यह एक्सेप्शनल आइटम है, जिसने Q3 की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाला। Divi's Laboratories API, इंटरमीडिएट्स और न्यूट्रास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स के सेगमेंट में काम करती है, जिससे यह कच्चे माल की कीमतों और रेगुलेटरी बदलावों के प्रति संवेदनशील रहती है।
हालांकि, 9 महीनों में शानदार ग्रोथ के आंकड़े कंपनी की अंदरूनी मजबूती को दर्शाते हैं। निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर होंगी कि Divi's Laboratories अपने कॉस्ट स्ट्रक्चर को कैसे मैनेज करती है, और रेवेन्यू ग्रोथ को प्रॉफिट में कैसे बदल पाती है।