MakeO: डेंटल टेक स्टार्टअप को मिले **₹90 करोड़**, अब भारत और विदेश में बढ़ेगा दायरा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
MakeO: डेंटल टेक स्टार्टअप को मिले **₹90 करोड़**, अब भारत और विदेश में बढ़ेगा दायरा

डेंटल केयर स्टार्टअप MakeO ने अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए **₹90 करोड़** की नई फंडिंग जुटाई है। Singularity AMC के नेतृत्व में आए इस निवेश का इस्तेमाल कंपनी अपने क्लीनिक नेटवर्क और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाने में करेगी।

फंडिंग और विजन

MakeO, जो Toothsi ब्रांड का संचालन करती है, ने ₹90 करोड़ का फंड जुटा लिया है। इस राउंड में Singularity AMC मुख्य निवेशक रहा, जबकि DSP Family Office, Genesis और Unispace Ventures ने भी पैसा लगाया है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने क्लीनिक नेटवर्क के विस्तार और मुंबई क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अपग्रेड करने में करेगी।

शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस

स्टार्टअप जगत में अक्सर कैश-बर्निंग की खबरें आती हैं, लेकिन MakeO ने EBITDA-लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करके बाजार को प्रभावित किया है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू ₹500 करोड़ के पार निकल चुका है। वर्तमान में इनका नेटवर्क 60 से अधिक क्लीनिकों का है और 1,100 से ज्यादा डेंटिस्ट इनके साथ जुड़े हुए हैं।

अधिग्रहण की रणनीति

MakeO सिर्फ ऑर्गेनिक ग्रोथ पर ही निर्भर नहीं है। कंपनी ने Zenyum (सिंगापुर) और Apple Dental (भारत) जैसे अधिग्रहणों के जरिए अपना आधार मजबूत किया है। कंपनी अब केवल 'अलाइनर' प्रदाता से बदलकर एक फुल-स्टैक डेंटल केयर प्लेटफॉर्म बनने की ओर कदम बढ़ा रही है।

आगे की राह और चुनौतियां

तेजी से बढ़ते इस बिजनेस के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिग्रहणों को सही ढंग से इंटीग्रेट करना एक बड़ा टास्क है। साथ ही, फिजिकल क्लीनिकों और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को मैनेज करना कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी कैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पैठ बनाती है और बदलते इकोनॉमिक माहौल में खुद को कैसे ढालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.