दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. रेड्डीज़ को जेनेरिक ओज़ेम्पिक निर्यात की हरी झंडी दी!

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AuthorAbhay Singh|Published at:
दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. रेड्डीज़ को जेनेरिक ओज़ेम्पिक निर्यात की हरी झंडी दी!
Overview

एक बड़ी जीत में, दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज को जेनेरिक सेमाग्लूटाइड बनाने और निर्यात करने की अनुमति दे दी है, जो नोवो नॉर्डिस्क की बहुत लोकप्रिय ओज़ेम्पिक और वेगोवी वजन घटाने वाली दवाओं का मुख्य घटक है। यह फैसला डॉ. रेड्डीज़ को उन बाजारों में बेचने की अनुमति देता है जहाँ नोवो नॉर्डिस्क के पास पेटेंट कवरेज नहीं है, जिससे भारत के जेनेरिक फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए बढ़ती हुई एंटी-ओबेसिटी मार्केट में महत्वपूर्ण रास्ते खुल गए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. रेड्डीज़ को जेनेरिक सेमाग्लूटाइड निर्यात की अनुमति दी

डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत हासिल की है, जिसने भारतीय दवा निर्माता को सेमाग्लूटाइड का जेनेरिक संस्करण बनाने और निर्यात करने की अनुमति दी है। यह प्रमुख यौगिक नोवो नॉर्डिस्क की अत्यधिक सफल वजन घटाने वाली दवाओं, ओज़ेम्पिक और वेगोवी के पीछे है। अदालत का यह निर्णय डॉ. रेड्डीज़ को उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचने की अनुमति देता है जहाँ नोवो नॉर्डिस्क के पेटेंट सक्रिय रूप से सुरक्षित नहीं हैं, जो भारत के जेनेरिक फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

अदालत के फैसले का विवरण

न्यायमूर्ति मनमीत सिंह अरोड़ा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने मंगलवार को फैसला सुनाया, जिससे डॉ. रेड्डीज़ को जेनेरिक सेमाग्लूटाइड के घरेलू उत्पादन और निर्यात के साथ आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई।

अदालत को सेमाग्लूटाइड के लिए नोवो नॉर्डिस्क के पेटेंट की वैधता के खिलाफ डॉ. रेड्डीज़ की चुनौती में प्रथम दृष्टया (prima facie) योग्यता मिली।

डॉ. रेड्डीज़ को उन देशों में निर्यात करने की अनुमति है जहाँ नोवो नॉर्डिस्क के पास पेटेंट संरक्षण नहीं है।

हालांकि, डॉ. रेड्डीज़ भारत में मार्च 2026 तक दवा बेचने से प्रतिबंधित रहेगा, जब नोवो नॉर्डिस्क का फॉर्मूलेशन पेटेंट स्थानीय रूप से समाप्त हो जाएगा।

यह निर्णय कई कानूनी कार्यवाही के बाद आया है, जिसमें मई में एक पूर्व आदेश भी शामिल है जिसने डॉ. रेड्डीज़ को भारत के भीतर बेचने से प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन उत्पादन और निर्यात की अनुमति दी थी।

पेटेंट विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद सेमाग्लूटाइड पर केंद्रित है, जिसे मूल रूप से नोवो नॉर्डिस्क ने टाइप-2 मधुमेह के लिए विकसित किया था और बाद में मोटापे के इलाज के लिए मंजूरी दी गई थी।

सेमाग्लूटाइड के लिए नोवो नॉर्डिस्क का प्राथमिक कंपोजिशन पेटेंट सितंबर 2024 में समाप्त हो गया।

हालांकि, नोवो नॉर्डिस्क के पास एक बाद का फॉर्मूलेशन पेटेंट है, जो मार्च 2026 तक वैध है, और यह दवा की स्थिरता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए वितरण तंत्र को कवर करता है।

डॉ. रेड्डीज़ ने इस दूसरे पेटेंट को चुनौती दी है, यह तर्क देते हुए कि यह "एवरग्रीनिंग" (evergreening) है - यानी मूल पेटेंट की समाप्ति के बाद एकाधिकार संरक्षण को अवैध रूप से बढ़ाने का प्रयास।

डॉ. रेड्डीज़ भारत के बोलार छूट (पेटेंट अधिनियम की धारा 107ए) के तहत निर्यात करने के अपने अधिकार का दावा करता है, जो निर्माताओं को पेटेंट दवाओं का उत्पादन उन देशों में निर्यात के लिए करने की अनुमति देता है जहाँ पेटेंट समाप्त हो गए हैं या लागू नहीं हैं।

नोवो नॉर्डिस्क इसका विरोध करता है, पेटेंट अधिनियम की धारा 48 का हवाला देते हुए, जो पेटेंट धारकों को उनके आविष्कारों को बनाने, उपयोग करने और निर्यात करने के विशेष अधिकार प्रदान करता है, यह तर्क देते हुए कि निर्यात एक सक्रिय पेटेंट को दरकिनार नहीं कर सकता।

बाजार पर प्रभाव

यह निर्णय भारत के जेनेरिक दवा निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है, जो तेजी से बढ़ते वैश्विक मोटापे रोधी दवा बाजार में प्रवेश करने के लिए उत्सुक हैं।

भारत में मोटापे रोधी दवा बाजार ने महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है, जिसके मार्च 2021 में ₹133 करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 तक ₹576 करोड़ होने का अनुमान है। सेमाग्लूटाइड वर्तमान में इस बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रखता है।

पेटेंट समाप्त होने पर, सन फार्मा, मैनकाइंड फार्मा और नैटको फार्मा सहित कई भारतीय कंपनियों ने सेमाग्लूटाइड के अधिक किफायती जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने की योजना बताई है।

जेनेरिक के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ने और संभावित रूप से दवा की कीमतें कम होने की उम्मीद है, जिससे उपचार अधिक सुलभ हो जाएंगे।

अन्य खिलाड़ी और रणनीतियाँ

नैटको फार्मा ने एक गैर-उल्लंघन सूट भी दायर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि सेमाग्लूटाइड का उसका संस्करण नोवो नॉर्डिस्क के पेटेंट का उल्लंघन नहीं करता है और उसे बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए। यह मामला वर्तमान में मध्यस्थता (mediation) के अधीन है।

भारत में, नोवो नॉर्डिस्क ने एमक्योर फार्मास्युटिकल्स के साथ अपनी दवा को पोविज़्ट्रा (Poviztra) ब्रांड नाम के तहत वितरित करने के लिए भागीदारी की है, जिसका लक्ष्य व्यापक बाजार पहुंच है।

बाजार प्रतिस्पर्धी है, जिसमें एली लिली का टिर्ज़ेपेटाइड (tirzepatide) (माउंजरो - Mounjaro) तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत में वेगोवी की बिक्री को भी पार कर रहा है।

नोवो नॉर्डिस्क ने हाल ही में भारत में वेगोवी की कीमतों में 37% की कटौती की है ताकि प्रतिस्पर्धी दबाव का मुकाबला किया जा सके।

प्रभाव

यह निर्णय सेमाग्लूटाइड-आधारित उपचारों के लिए प्रतिस्पर्धा और कीमतों में कमी ला सकता है, जिससे दुनिया भर के और भारत के रोगियों को लाभ होगा।

यह डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज और अन्य भारतीय जेनेरिक निर्माताओं को आकर्षक मोटापा रोधी दवा बाजार में अपना वैश्विक पदचिह्न (global footprint) बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

नोवो नॉर्डिस्क को उन बाजारों में बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और संभावित राजस्व क्षरण का सामना करना पड़ सकता है जहाँ जेनेरिक संस्करण उपलब्ध हो जाते हैं।

यह निर्णय किफायती जेनेरिक दवाओं के प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं के रूप में भारतीय दवा कंपनियों की भूमिका को मजबूत करता है।

प्रभाव रेटिंग: 8

कठिन शब्दों की व्याख्या

सेमाग्लूटाइड (Semaglutide): जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट वर्ग की एक दवा, जिसका मुख्य रूप से टाइप-2 मधुमेह के इलाज और वजन घटाने को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाता है।

ओज़ेम्पिक (Ozempic), वेगोवी (Wegovy), राइबेल्सस (Rybelsus): नोवो नॉर्डिस्क द्वारा सेमाग्लूटाइड बेचने वाले ब्रांड नाम। ओज़ेम्पिक और वेगोवी इंजेक्टेबल हैं, जबकि राइबेल्सस एक ओरल रूप है।

जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (GLP-1 Receptor Agonist): दवाओं का एक वर्ग जो स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले हार्मोन जीएलपी-1 की क्रिया की नकल करता है, जिससे रक्त शर्करा और भूख को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

प्रथम दृष्टया (Prima Facie): पहली नज़र में; प्रारंभिक जांच पर आधारित। एक कानूनी निष्कर्ष कि मामला आगे बढ़ाने या अस्थायी आदेश देने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

पेटेंट संरक्षण (Patent Protection): किसी आविष्कारक को सीमित अवधि के लिए दिए गए विशेष अधिकार, जो दूसरों को अनुमति के बिना आविष्कार को बनाने, उपयोग करने या बेचने से रोकते हैं।

एवरग्रीनिंग (Evergreening): एक ऐसी प्रथा जहाँ एक पेटेंट धारक मूल पेटेंट की समाप्ति के बाद अपने एकाधिकार की अवधि को बढ़ाने के लिए मौजूदा दवा के मामूली संशोधनों या नए उपयोगों के लिए नए पेटेंट प्राप्त करता है।

बोलार छूट (Bolar Exemption) (पेटेंट अधिनियम की धारा 107ए): एक कानूनी प्रावधान जो अनुसंधान या नियामक उद्देश्यों के लिए पेटेंट आविष्कारों से संबंधित कुछ गतिविधियों की अनुमति देता है, जिसमें गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए या उन बाजारों के लिए दवाओं का निर्माण और निर्यात शामिल है जहां पेटेंट लागू नहीं है।

पेटेंट उल्लंघन (Patent Infringement): अनधिकृत निर्माण, उपयोग, बिक्री या पेटेंट किए गए आविष्कार के आयात द्वारा पेटेंट धारक के विशेष अधिकारों का उल्लंघन।

नवीनता (Novelty): किसी आविष्कार के पेटेंट योग्य होने के लिए एक आवश्यकता; यह नया होना चाहिए और पहले से ज्ञात या प्रकट नहीं होना चाहिए।

एकल-न्यायाधीश पीठ (Single-judge bench): एक अदालत या अदालत का एक प्रभाग जिसकी अध्यक्षता एक एकल न्यायाधीश करता है।

खंडपीठ (Division bench): दो या दो से अधिक न्यायाधीशों की पीठ, आमतौर पर एक अपीलीय अदालत, जो एकल-न्यायाधीश पीठों से अपील सुनती है।

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