Daksh Hospital पर लापरवाही का आरोप: सर्जरी के दौरान पेट में रह गया सर्जिकल मॉब?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Daksh Hospital पर लापरवाही का आरोप: सर्जरी के दौरान पेट में रह गया सर्जिकल मॉब?

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में Daksh Hospital पर एक गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। एक महिला के परिवार का कहना है कि सी-सेक्शन डिलीवरी के दौरान सर्जिकल मॉब (mop) महिला के पेट में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसे गंभीर इन्फेक्शन हुआ और इलाज का भारी खर्च उठाना पड़ा। हालांकि, अस्पताल ने इन आरोपों से इनकार किया है।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में Daksh Hospital एक बड़े विवाद में घिर गया है। जया चौधरी नाम की एक महिला के परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि 2 मई को हुए सी-सेक्शन के दौरान, एक सर्जिकल मॉब (mop) गलती से महिला के पेट के अंदर ही छोड़ दिया गया।

5 मई को महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज पेट दर्द, बुखार और उल्टी की शिकायत होने लगी।

मेडिकल जांच में खुला राज

लगातार बिगड़ती सेहत के चलते महिला को कई अस्पतालों में दिखाया गया। 24 जून को अहमदाबाद के Zydus Hospital में हुई जांच में पता चला कि महिला के पेट में कोई बाहरी चीज फंसी हुई है, जिसे डॉक्टरों ने सर्जिकल मॉब बताया। इस वजह से उसके बड़ी आंत में गंभीर इन्फेक्शन हो गया था। 27 जून को अहमदाबाद में ही महिला की दोबारा सर्जरी करके उस मॉब को निकाला गया और नुकसान को ठीक किया गया। परिवार के मुताबिक, इस पूरी घटना में अब तक करीब 15 लाख रुपये का खर्च आ चुका है।

अस्पताल का पक्ष

दूसरी ओर, Daksh Hospital के CEO डॉ. अभिषेक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि डिस्चार्ज के समय मरीज की हालत स्थिर थी और उसे किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं थी, जिससे इस तरह की किसी गलती का अंदाजा लगाया जा सके। अस्पताल ने यह भी कहा है कि सर्जरी के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और यह आरोप लगाना बेबुनियाद है।

आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब Daksh Hospital जांच के दायरे में आया है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल पर आयुष्मान भारत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को लेकर भी सवाल उठे थे, जिनमें बिलिंग और इलाज की गुणवत्ता पर चिंता जताई गई थी। फिलहाल, इन आरोपों पर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच का इंतजार रहेगा।

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