जापानी मेडिकल डिवाइस कंपनी Create Medic ने भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निर्भरता कम कर सीधा बाजार में उतरने की योजना बना रही है, जिसमें ₹100 करोड़ के एक नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की भी तलाश है। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर का फायदा उठाने और ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों से निपटने के लिए उठाया जा रहा है।
भारत में सीधी पैठ की रणनीति
Create Medic ने चेन्नई में एक खास सब्सिडियरी (Subsidiary) खोली है, जो अप्रैल 2026 से काम कर रही है। यह मूव डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप से सीधा बिक्री (Direct Sales) मॉडल की ओर एक बड़ा बदलाव है। अब कंपनी चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में डायरेक्ट सेल्स ऑफिस खोलने वाली है, जिसका मकसद सीधे ग्राहकों से जुड़ना और बाजार में अपनी पैठ मजबूत करना है। इस योजना का एक अहम हिस्सा ₹100 करोड़ का लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने का मूल्यांकन है। यह प्लांट सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों और अफ्रीका के लिए भी सप्लाई हब (Supply Hub) बन सकता है, जिससे कंपनी अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत कर सकेगी। Create Medic को भारत से लंबे समय में करीब ₹100 करोड़ के रेवेन्यू (Revenue) की उम्मीद है।
हेल्थकेयर मार्केट में अवसरों का फायदा
भारत का मेडिकल डिवाइस मार्केट इस समय तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2025 में जहां यह $16.16 बिलियन का था, वहीं 2034 तक यह बढ़कर $44.76 बिलियन तक पहुंच सकता है। इसकी वजह लोगों की बढ़ती आय, हेल्थ इंश्योरेंस का विस्तार और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) में भारी निवेश है। 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी सरकारी स्कीमें भी डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में रेगुलेटरी (Regulatory) माहौल लगातार बदल रहा है, और दवाओं से अलग मेडिकल डिवाइस के लिए एक खास फ्रेमवर्क बनाने की कोशिशें चल रही हैं। Create Medic की मेडिनीपॉन हेल्थकेयर (Medinippon Healthcare) के साथ CDSCO रेगुलेटरी मदद के लिए पहले की बातचीत, जटिल रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को दर्शाती है।
सप्लाई चेन की बाधाएं और समाधान
मेडिकल डिवाइस के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) इस वक्त काफी दबाव में है, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अहम रास्तों पर आने वाली दिक्कतों की वजह से खास किस्म के प्लास्टिक जैसे जरूरी रॉ मैटेरियल (Raw Material) की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे मैटेरियल की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं, साथ ही शिपिंग (Shipping) का खर्च और डिलीवरी टाइम (Delivery Time) भी बढ़ गया है। Create Medic, जो वियतनाम, चीन और जापान से सामान इम्पोर्ट (Import) करती है, इन ग्लोबल सप्लाई चेन की अस्थिरता से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती है। भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कंपनी इन जोखिमों को कम कर सकेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति और चुनौतियाँ
अप्रैल 2026 की शुरुआत तक, Create Medic Co., Ltd. (TYO:5187) का मार्केट कैप (Market Capitalization) करीब ¥10-11 बिलियन JPY था, जो लगभग $63.2 मिलियन USD के बराबर है। दिसंबर 2025 में समाप्त पिछले बारह महीनों (TTM) में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) $90.9 मिलियन USD रहा। इसका P/E रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 14.25x है। कंपनी सिलिकॉन फोली कैथेटर (Foley Catheter) मार्केट में एक जाना-माना नाम है। हालांकि, भारत जैसे बड़े और प्रतिस्पर्धी बाजार में कंपनी के इस नए विस्तार में कुछ चुनौतियां भी हैं। ₹100 करोड़ के प्लांट में भारी निवेश और कुशल संचालन की जरूरत होगी, जो भारत के बदलते रेगुलेशंस और कच्चे माल की उपलब्धता जैसी दिक्कतों से प्रभावित हो सकता है। कंपनी का सीधा बिक्री मॉडल भी एक नई चुनौती पेश करेगा, क्योंकि बाजार में पहले से स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में, ₹100 करोड़ के रेवेन्यू टारगेट को हासिल करने के लिए कंपनी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।