तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा
CORONA Remedies Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के ₹298 करोड़ से बढ़कर ₹342 करोड़ हो गया, जो 15% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दर्शाता है। EBITDA में भी 20% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹83 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 100 बेसिस पॉइंट (bps) सुधरकर 24.3% पर आ गया। नतीजतन, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 24% बढ़कर ₹56 करोड़ पर पहुंच गया।
चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले नौ महीनों (9M FY'26) की बात करें तो, CORONA Remedies ने ₹1,050 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16% ज्यादा है, जबकि कंपनी ने 15% ग्रोथ का गाइडेंस दिया था। EBITDA में करीब 25% की वृद्धि हुई और यह ₹231 करोड़ रहा, जिससे मार्जिन 140 bps बढ़कर 22% हो गया। एडजस्टेड PAT में 31% की जबरदस्त उछाल आई और यह ₹154 करोड़ रहा, जो 20% के गाइडेंस से काफी बेहतर है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 31% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 48% रहा। ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) का EBITDA में कन्वर्जन 86% रहा, जो कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ को दिखाता है।
एनालिस्ट्स के सवाल और मैनेजमेंट के जवाब
Earnings call के दौरान, एनालिस्ट्स ने CORONA Remedies के भारतीय फार्मा मार्केट (IPM) की तुलना में बेहतर प्रदर्शन पर सवाल पूछे। कंपनी ने Q3 FY'26 में IPM की 9.6% ग्रोथ के मुकाबले 18.9% की ग्रोथ दर्ज की, जिससे मार्केट शेयर में उसकी रैंकिंग में सुधार हुआ। मैनेजमेंट ने अगले तीन सालों में 600 नए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स जोड़ने की योजना पर भी बात की, जिससे कर्मचारी लागत बढ़ने की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी का हिस्सा है जिससे वॉल्यूम बढ़कर मार्जिन सुधरेंगे। कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में CORONA Remedies का EBITDA मार्जिन थोड़ा कम है, जिस पर मैनेजमेंट ने कहा कि उनका फोकस मार्केट शेयर बढ़ाना और वैल्यू-ड्रिवन ग्रोथ पर है, न कि सिर्फ मार्जिन को अधिकतम करना।
आगे की राह और भविष्य की योजनाएं
मैनेजमेंट ने अपने सालाना गाइडेंस को दोहराते हुए 15% रेवेन्यू ग्रोथ और 20% PAT ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, और उम्मीद जताई है कि वे आगे भी मिड-टीीन रेवेन्यू ग्रोथ और हाई-टीीन PAT ग्रोथ बनाए रखेंगे। कंपनी अपनी मार्केट शेयर बढ़ाने पर जोर दे रही है, खासकर क्रॉनिक और सेमी-क्रॉनिक थेरेपी एरिया में, जिसमें नए प्रोडक्ट लॉन्च अहम भूमिका निभाएंगे। Bayer से एक्वायर किए गए पोर्टफोलियो को Q4 FY'26 में Noklot Plus के लॉन्च के साथ कमर्शियलाइज करना शुरू किया जाएगा, जो एक बड़ा बूस्ट देगा। साथ ही, गुजरात फैसिलिटी को EAEU GMP सर्टिफिकेशन मिलने से USD 25 बिलियन के EAEU मार्केट में B2B मॉडल के जरिए एंट्री का रास्ता खुला है, हालांकि इंटरनेशनल ग्रोथ को 3-5 साल की लंबी अवधि की स्ट्रैटेजी माना जा रहा है। मार्च 2026 में GLP-1 इंजेक्टेबल Wyntide लॉन्च करने की भी योजना है, जो ऑफ-पेटेंट इंजेक्टेबल मार्केट को टारगेट करेगा। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी भी बढ़ा रही है और FY'28-FY'29 तक एक नए प्लांट की आवश्यकता देख रही है। इसके अलावा, दो और ब्रांड एक्विजिशन पर विचार चल रहा है।