तिमाही नतीजों में दिखी जोरदार ग्रोथ
Corona Remedies ने फाइनेंशियल ईयर 2026 का समापन मजबूती के साथ किया है। कंपनी के दो प्रमुख ब्रांडों ने ₹100 करोड़ से अधिक का एनुअल टर्नओवर पार किया, जो ब्रांड की बढ़ती पैठ को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी ने डोमेस्टिक मार्केट में अपनी रैंकिंग को सुधारते हुए 27वें स्थान पर पहुंचा दिया है। कंपनी बायोसिमिलर और इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट जैसे स्पेशलिटी सेगमेंट पर भी फोकस कर रही है। इन शानदार नतीजों के चलते कंपनी के बोर्ड ने ₹10 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
वैल्यूएशन पर चिंता, पीयर्स से ज्यादा महंगा शेयर
जहां कंपनी के ग्रोथ के आंकड़े शानदार हैं, वहीं इसके वैल्यूएशन पर सवाल उठ रहे हैं। मई 2026 की शुरुआत में, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 68.2 था, जो इंडस्ट्री के औसत 29.3 से काफी ज्यादा है। इसके पीयर्स का P/E रेश्यो करीब 27 गुना है। कंपनी का शेयर ₹1,776 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो इसके प्रीमियम वैल्यूएशन को दर्शाता है। हालांकि, कई एनालिस्ट्स ने इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग दी है, लेकिन उनका 12 महीने का प्राइस टारगेट लिमिटेड अपसाइड (लगभग 2.7% से 7.3%) का संकेत देता है।
मार्जिन पर दबाव और प्रॉफिटेबिलिटी का सवाल
निवेशकों को कुछ चिंताओं पर भी ध्यान देना चाहिए। Q4 FY26 के नतीजों में भले ही ग्रोथ दिखी हो, लेकिन पिछली तिमाही (Q3 FY25-26) में नेट प्रॉफिट में 8.19% की साल-दर-साल गिरावट और प्रॉफिट मार्जिन में 21.12% की तिमाही-दर-तिमाही कमी देखी गई थी। पहले भी ऐसे संकेत मिले हैं कि मार्जिन पर दबाव के कारण रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में प्रॉफिट ग्रोथ धीमी रही है। कंपनी के IPO (दिसंबर 2025) के बाद उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में, निवेशकों को हाई वैल्यूएशन की तुलना में ऑपरेशनल कॉस्ट और कंपटीशन से आने वाले मार्जिन रिस्क का मूल्यांकन करना होगा। Dr. Reddy's Laboratories से 'Wokadine' का अधिग्रहण और EAEU-GMP सर्टिफिकेट मिलना सकारात्मक कदम हैं, लेकिन इन्हें वैल्यूएशन को सही ठहराने में समय लगेगा।
फार्मा सेक्टर का मजबूत सपोर्ट
Corona Remedies भारतीय फार्मा सेक्टर का हिस्सा है, जो लगातार ग्रोथ के लिए जाना जाता है। 2026 की पहली तिमाही में, इंडियन फार्मा मार्केट (IPM) में वैल्यू के हिसाब से लगभग 10.5% की ग्रोथ देखी गई। Nifty Pharma इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है और 6 मई 2026 को 2.69% की बढ़त के साथ नए 52-हफ्ते के हाई पर पहुंचा। अनुमान है कि FY2026 में डोमेस्टिक डिमांड और यूरोपीय एक्सपोर्ट के सहारे यह सेक्टर 7-9% की ग्रोथ हासिल कर सकता है। एनालिस्ट्स 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग और टारगेट प्राइस के साथ उत्साहित हैं, लेकिन कंपनी के लिए लगातार प्रॉफिट ग्रोथ हासिल करना ही उसके हाई वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए सबसे अहम होगा।
