Wokadine के अधिग्रहण से Pharma सेगमेंट में Corona Remedies की एंट्री!
Corona Remedies ने अपनी विस्तार रणनीति के तहत Dr. Reddy's Laboratories के Wokadine ब्रांड को ₹95 करोड़ में खरीद लिया है। यह अधिग्रहण कंपनी के लिए काफी अहम है क्योंकि इससे वह भारत के ₹648 करोड़ के Povidone-Iodine मार्केट में एंट्री कर रही है। Wokadine, जो इस कैटेगरी में दूसरे स्थान पर है, अब Corona Remedies के पोर्टफोलियो का हिस्सा बन गया है। इस डील को कंपनी ने इंटरनल फंड्स से पूरा किया है।
ग्रोथ का दम और शेयर पर असर
कंपनी के लीडर्स का लक्ष्य अगले तीन साल में Wokadine की सेल्स को दोगुना करना है। इसके लिए वे 20-25% की सालाना ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। साथ ही, FY27 तक ग्रॉस मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट का इजाफा करने की उम्मीद है। Wokadine की मौजूदा सेल्स लगभग ₹30 करोड़ है। यह Corona Remedies का पिछले एक दशक में पांचवां बड़ा अधिग्रहण है।
हालांकि, अधिग्रहण की खबर के बावजूद, 30 मार्च 2026 को Corona Remedies के शेयर BSE पर 1.52% गिरकर ₹1,556.15 पर बंद हुए। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹9,672 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो करीब 60.7 के आसपास है।
मार्केट और कंपनी का प्रदर्शन
भारत का ओटीसी (OTC) ड्रग मार्केट काफी बड़ा है, जिसका अनुमान 2025 में USD 7.09 बिलियन था और 2030 तक USD 9.22 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। Povidone-Iodine सेगमेंट भी तेजी से बढ़ रहा है, खासकर भारत जैसे बाजारों में। Corona Remedies ने पहले भी Sanofi से Myoril और Bayer से ब्रांड्स जैसे अधिग्रहण किए हैं, जिन्होंने कंपनी के विस्तार में मदद की है।
कंपनी के हालिया नतीजे भी अच्छे रहे हैं। Q3 FY'26 में रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹342.42 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 24.3% दर्ज किया गया। कंपनी का हाई P/E रेश्यो (53.6) यह दर्शाता है कि निवेशक इसके अधिग्रहण और इंटीग्रेशन से बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, Myoril के अधिग्रहण के बाद कंपनी की सेल्स करीब तीन गुना बढ़ गई थी।
जोखिम और वैल्यूएशन की चिंताएं
Corona Remedies की बार-बार अधिग्रहण करने की रणनीति में जोखिम भी हैं। इसका हाई P/E रेश्यो बताता है कि वैल्यूएशन काफी आक्रामक है, जो लगातार सफल अधिग्रहणों की उम्मीद पर टिका है। FY22 में कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल में बदलाव के कारण PBILDT मार्जिन में गिरावट देखी गई थी। लगातार अधिग्रहण के लिए कैपिटल की जरूरत पड़ सकती है, जिससे कैश रिजर्व पर दबाव आ सकता है। कंपनी पर लगभग ₹250 करोड़ के ओपन चार्जेज भी हैं, ऐसे में डेट और कैश फ्लो मैनेजमेंट महत्वपूर्ण होगा। 'Corona' नाम को लेकर भी कंपनी को ट्रेडमार्क विवादों का सामना करना पड़ा है।
भविष्य की योजनाएं और IPO
कंपनी Wokadine की पहुंच को अर्बन और रूरल मार्केट्स तक बढ़ाने के लिए अपने नेशनल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी। Corona Remedies भविष्य में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बना रही है। Wokadine का सफल इंटीग्रेशन और लगातार ग्रोथ, कंपनी की वैल्यूएशन और अधिग्रहण रणनीति को निवेशकों के सामने साबित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी। मैनेजमेंट का अनुमान है कि कंपनी मिड-टीएन रेवेन्यू ग्रोथ और हाई-टीन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ग्रोथ जारी रखेगी।