Cohance Lifesciences के मुनाफे में **87%** की बड़ी सेंध! FDA की सख्ती से कामकाज ठप, रेवेन्यू पर भी असर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Cohance Lifesciences के मुनाफे में **87%** की बड़ी सेंध! FDA की सख्ती से कामकाज ठप, रेवेन्यू पर भी असर
Overview

Cohance Lifesciences (पहले Suven Pharmaceuticals Limited) के निवेशकों के लिए बीता क्वार्टर (Q3 FY26) बेहद मुश्किलों भरा रहा। कंपनी का एडजस्टेड PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एक झटके में **87.3%** घटकर महज़ **₹21.1 करोड़** रह गया, और रेवेन्यू भी **19.5%** फिसल गया।

नतीजों का पूरा विश्लेषण

Cohance Lifesciences (पहले Suven Pharmaceuticals Limited) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए बेहद निराशाजनक वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 को एक "ट्रांजिशन ईयर" यानी बदलाव का साल बताया है, और अब रेवेन्यू में "शुरुआती से मध्य डबल-डिजिट" यानी 10-15% की गिरावट का अनुमान लगाया है। हालांकि, FY27 से रेवेन्यू में ग्रोथ वापस आने की उम्मीद है।

इस भारी गिरावट और बिगड़े हालात की सबसे बड़ी वजह Nacham प्लांट में अमेरिकी FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) से मिले वार्निंग लेटर को माना जा रहा है। इस कारण करीब ₹55 करोड़ के शिपमेंट में देरी हुई और कंपनी के ऑपरेशंस पर गंभीर असर पड़ा।

तिमाही नतीजे (Q3 FY26 बनाम Q3 FY25):

  • ऑपरेशंस से रेवेन्यू 19.5% घटकर ₹5,445.50 करोड़ रहा।
  • एडजस्टेड EBITDA में 67.7% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹847 मिलियन यानी ₹84.7 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन भी 38.8% से घटकर 15.6% पर आ गया।
  • एडजस्टेड PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) तो 87.3% लुढ़ककर ₹211 मिलियन यानी ₹21.1 करोड़ पर पहुँच गया। मार्जिन 24.6% से घटकर महज 3.9% रह गया।

नौ महीने के नतीजे (9M FY26 बनाम 9M FY25):

  • ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6.7% घटकर ₹16,494.30 करोड़ रहा।
  • एडजस्टेड EBITDA में 43.4% की बड़ी गिरावट के साथ यह ₹3,477 मिलियन यानी ₹347.7 करोड़ पर आ गया। मार्जिन 34.8% से संकुचित होकर 21.1% रह गया।
  • एडजस्टेड PAT 61.4% गिरकर ₹1,513 मिलियन यानी ₹151.3 करोड़ रहा, जिसके मार्जिन 22.2% से घटकर 9.2% हो गए।
  • अच्छी बात यह है कि ग्रॉस मार्जिन में सुधार देखा गया, जो प्रोडक्ट मिक्स और एक्विजिशन कंसॉलिडेशन की वजह से 70.8% से बढ़कर 72.8% हो गया।

असाधारण मदें और ऑपरेशनल चुनौतियां:

9 महीने के लिए असाधारण मदों (Exceptional Items) में ₹130 मिलियन यानी ₹13 करोड़ का खर्च आया, जिसमें मर्जर से जुड़े एकमुश्त लागत और नए लेबर कोड्स के कारण हुए खर्चे शामिल हैं। वहीं, Q3 FY26 के लिए ये ₹49 मिलियन यानी ₹4.9 करोड़ थे, जिसमें मुख्य रूप से ग्रेच्युटी का प्रभाव शामिल था।

आगे की राह और कंपनी की रणनीति:

कंपनी मैनेजमेंट का फोकस इस साल लीडरशिप को स्थिर करने, एग्जीक्यूशन को मजबूत करने और कमर्शियल डील्स को आगे बढ़ाने पर है। FY27 में रिकवरी की रणनीति RFPs (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स) को सफलतापूर्वक कन्वर्ट करने, नई कैपेसिटी शुरू करने और बिजनेस को तेजी से बढ़ाने पर टिकी है। Antibody-Drug Conjugates (ADC) और Oligonucleotides जैसे ग्रोथ प्लेटफॉर्म काफी मजबूत बने हुए हैं। ADC सप्लाई के लिए अमेरिका में USD 10 मिलियन का विस्तार FY27 तक पूरा होने की उम्मीद है, और Nacham प्लांट में ओलिगोन्यूक्लियोटाइड्स के लिए बिल्डिंग-ब्लॉक फैसिलिटी भी जल्द शुरू होने वाली है। Specialty Chemicals और API+ सेगमेंट में मिली-जुली परफॉरमेंस देखने को मिली है।

कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन:

31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी ₹1,759 मिलियन यानी ₹175.9 करोड़ की नेट कैश पॉजिटिव पोजीशन में बनी हुई थी। 9MFY26 में ₹1,750 मिलियन यानी ₹175 करोड़ का फ्री कैश फ्लो जनरेट हुआ, जबकि कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) ₹1,610 मिलियन यानी ₹161 करोड़ रहा, जो मुख्य रूप से क्षमता विस्तार पर खर्च किया गया। कंपनी का कुल कर्ज घटकर ₹2,560 मिलियन यानी ₹256 करोड़ रह गया है।

हालिया कॉर्पोरेट एक्शन्स:

हाल ही में कंपनी ने Casper Pharma Private Limited और एवरटी (erstwhile) फेलो सब्सिडियरी Cohance Lifesciences Limited के साथ मर्जर पूरा किया है। साथ ही, NJ Bio Inc. में 56% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया है, जो ग्रोथ और कंसॉलिडेशन की दिशा में एक अहम कदम है।

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