क्यों आई शेयर में इतनी तेजी?
Cipla के शेयर में आई इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी बाजार से मिली एक बड़ी खबर है। कंपनी को अपने US प्लांट से तैयार हुए पहले जेनेरिक Ventolin MDI के लिए US FDA से 'AB-rated' अप्रूवल मिल गया है। इस मंजूरी से कंपनी की US रेस्पिरेटरी पाइपलाइन को बूस्ट मिला है, जिसे लेकर निवेशक काफी उत्साहित दिख रहे हैं।
Q4 के नतीजे और वजह
हालांकि, कंपनी के चौथे तिमाही (Q4) के नतीजे मिले-जुले रहे। नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 55% गिरकर ₹554.6 करोड़ पर आ गया। रेवेन्यू में 3% की गिरावट आई और यह ₹6,451.2 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 38% घटकर ₹955 करोड़ पर पहुंच गया, और ऑपरेटिंग मार्जिन 22.8% से गिरकर 14.6% पर आ गया।
इस प्रॉफिट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी का Revlimid से एक्सक्लूसिविटी रेवेन्यू का खत्म होना है। जनवरी 2026 में पेटेंट एक्सक्लूसिविटी खत्म होने के बाद, Cipla इस हाई-मार्जिन रेवेन्यू स्ट्रीम से बाहर निकल गई है। बाजार इस गिरावट को एक ट्रांजिशनल फेज मान रहा है और कंपनी के भविष्य के ग्रोथ पर नजर गड़ाए हुए है। Cipla का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.15 ट्रिलियन है, और P/E रेश्यो 30x के आसपास है, जो भविष्य की उम्मीदों को दर्शाता है।
US पाइपलाइन और अन्य मजबूत सेक्टर
US में जेनेरिक Ventolin की मंजूरी को फिस्कल ईयर 2027 में आने वाले बड़े रेस्पिरेटरी प्रोडक्ट पाइपलाइन के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। कंपनी ने Liraglutide, Nintedanib और Dapagliflozin जैसी दवाओं को भी US बाजार के लिए उतारा है। इसके अलावा, US FDA द्वारा जांचे गए Cipla के प्लांट्स को 'VAI' या 'NAI' क्लासिफिकेशन मिलने से रेगुलेटरी चिंताएं भी कम हुई हैं।
घरेलू बाजार में भी Cipla का प्रदर्शन शानदार रहा। 'One India' बिजनेस में 15% की मजबूत ग्रोथ देखी गई। Foracort जैसे ब्रांड ने ₹1,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू पार किया, जबकि Dytor ब्रांड 25% बढ़कर ₹650 करोड़ से ऊपर चला गया। 'One India' का रेवेन्यू पहली बार ₹12,500 करोड़ के पार गया।
'One Africa' बिजनेस में 21% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की गई, खासकर साउथ अफ्रीका में 33% की तेजी देखी गई। EMEU (Emerging Markets and Europe) का रेवेन्यू $400 मिलियन को पार कर गया।
US बाजार की चुनौतियाँ
इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद, US जेनेरिक बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और लगातार प्राइस प्रेशर जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। Revlimid की तरह हाई-मार्जिन सफलता दोहराना आसान नहीं होगा। Sun Pharma और Dr. Reddy's Laboratories जैसी कंपनियां US में बड़े ऑपरेशन और विस्तृत प्रोडक्ट रेंज के साथ मजबूत स्थिति में हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ और डिविडेंड
Cipla ने फिस्कल ईयर 2026 का अंत ₹10,526 करोड़ की मजबूत नेट कैश पोजीशन के साथ किया। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹13 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया है, जो कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है। एनालिस्ट्स Cipla के स्ट्रेटेजिक शिफ्ट को सकारात्मक मान रहे हैं।
