Centennial Surgical Suture Share Price: शेयरों में दिखी धांधली? कंपनी ने BSE में की शिकायत, जांच की मांग

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AuthorAditya Rao|Published at:
Centennial Surgical Suture Share Price: शेयरों में दिखी धांधली? कंपनी ने BSE में की शिकायत, जांच की मांग
Overview

Centennial Surgical Suture Ltd. ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को अपने शेयरों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध मूल्य हेरफेर (stock price manipulation) की सूचना दी है। कंपनी का आरोप है कि **6 फरवरी से 13 फरवरी, 2026** के बीच कंपनी के शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया है, जो कि कंपनी के फंडामेंटल से मेल नहीं खाता। इस मामले में SEBI के नियमों के उल्लंघन की जांच की मांग की गई है।

Centennial Surgical Suture: शेयर बाजार में धांधली का शक

Centennial Surgical Suture Ltd. ने BSE के जांच विभाग को सूचित किया है कि 6 फरवरी से 13 फरवरी, 2026 के दौरान कंपनी के शेयरों में 'असामान्य' ट्रेडिंग गतिविधियां देखी गई हैं। कंपनी का कहना है कि शेयर की कीमत में यह अचानक उछाल पूरी तरह से कृत्रिम (artificial) है और इसका कंपनी के किसी भी बड़े ऐलान या बिजनेस डेवलपमेंट से कोई लेना-देना नहीं है। इससे असली निवेशकों को नुकसान हो रहा है, इसलिए कंपनी ने SEBI (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) Regulations, 2003 के संभावित उल्लंघनों की तत्काल जांच की मांग की है।

कैसे हुआ 'खेल'? कंपनी ने गिनाए धांधली के तरीके

BSE को सौंपी गई एक विस्तृत चिट्ठी में Centennial Surgical Suture Ltd. ने अपने संदेह जताए हैं। कंपनी का मानना है कि कुछ 'ग्रुप एंटिटीज' ने मिलकर शेयर की कीमत को manipula किया है। इसमें इस्तेमाल किए गए तरीके इस प्रकार हैं:

  • छोटी-छोटी मात्रा में ट्रेडिंग: कुछ लोगों को शेयर बहुत कम मात्रा में (जैसे 1, 2, 3, 4, या 5 शेयर) खरीदते-बेचते देखा गया, जो बाजार में कृत्रिम हलचल पैदा करने का इशारा हो सकता है।
  • LTP से ऊपर ट्रेडिंग: कुछ सौदे Last Traded Price (LTP) से भी ऊपर के दामों पर हुए, जिससे शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सके।
  • सर्कुलर ट्रेडिंग: सौदों की प्रकृति और आवृत्ति से सर्कुलर ट्रेडिंग का अंदेशा है, जहां एक ही पक्ष बार-बार शेयर खरीदता-बेचता है ताकि बाजार में रुचि का झूठा आभास हो।
  • मार्केट मैकेनिज्म को नुकसान: धोखाधड़ी से मुनाफा कमाने के लिए बाजार की व्यवस्था को manipula करने के इरादे से सौदे किए गए।

कंपनी ने स्पष्ट रूप से SEBI के 2003 के नियम 3 (a), (b), (c), और (d), और नियम 4(1), (2), (a), और (e) के उल्लंघन का जिक्र किया है। ये नियम ट्रेडिंग का झूठा या भ्रामक आभास पैदा करने, स्वामित्व हस्तांतरण के बजाय कीमत manipula करने के लिए सौदे करने, और निवेशकों को धोखा देने की योजनाओं पर रोक लगाते हैं।

नतीजों पर एक नजर: सच्चाई क्या है?

हालांकि, इस बीच कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजे मिले-जुले रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त) में, कंपनी ने ₹0.15 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹0.85 करोड़ के नुकसान से काफी बेहतर है। रेवेन्यू में भी 21.80% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹14.86 करोड़ तक पहुंच गया।

लेकिन, गहराई से देखें तो कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। पिछले पांच सालों में कंपनी की EBIT ग्रोथ रेट -21.26% रही है, जो ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में लंबी अवधि की गिरावट का संकेत देती है। वहीं, इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) -6.78% पर है, जो कैपिटल एफिशिएंसी के मुद्दों को उजागर करता है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, कंपनी को डेप्रिसिएशन (depreciation) में बढ़ोतरी और बढ़े हुए कर्ज पर ज्यादा इंटरेस्ट कॉस्ट के कारण PAT में नुकसान हुआ था, जिसके चलते Crisil ने इसकी बैंक फैसिलिटीज की रेटिंग घटाकर 'BB+/Stable/A4+' कर दी थी। पिछले एक साल में लॉन्ग-टर्म कर्ज दोगुना से ज्यादा हो गया है। ये फाइनेंशियल आंकड़े कंपनी के इस दावे को बल देते हैं कि शेयर की मौजूदा कीमत में उछाल 'वास्तविक फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के अनुरूप नहीं' था।

पिछली चिंताएं और निवेशकों पर असर

BSE के साथ पिछली बातचीत में भी 'असामान्य सौदों' और 'हेरफेर के इरादे' का जिक्र हुआ था। कंपनी का कहना है कि उसने, उसके प्रमोटरों या कर्मचारियों ने कोई शेयर ट्रेड नहीं किया है और वह किसी भी जांच में सहयोग करने को तैयार है। असली निवेशकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि ऐसी कथित धांधली से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है, क्योंकि आरोप है कि कुछ लोग कीमत manipula करके 'भारी मुनाफा' कमा रहे हैं जबकि दूसरों को नुकसान हो रहा है।

जोखिम और आगे का रास्ता

फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे बड़े जोखिमों में धांधली वाली गतिविधियों से शेयर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, SEBI की जांच के नतीजे और कंपनी की पुरानी वित्तीय कमजोरियों को दूर करने की क्षमता शामिल है। SEBI द्वारा गहन जांच की पुष्टि होने पर नियामक कार्रवाई (जैसे जुर्माना या ट्रेडिंग पर रोक) हो सकती है। कंपनी के लिए टिकाऊ लाभप्रदता हासिल करना और कर्ज का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

प्रतिस्पर्धी माहौल

Centennial Surgical Suture भारतीय सर्जिकल सूचर्स और स्टेपलर्स के बाजार में काम करती है, जो बढ़ते सर्जिकल प्रोसीजर और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के कारण अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। यह बाजार काफी प्रतिस्पर्धी है, जिसमें Ethicon, Medtronic, B. Braun, और Healthium Medtech जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। हालांकि Centennial Surgical Suture की बाजार में अपनी जगह है, लेकिन इसे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। बाजार की समग्र स्थिति, Centennial Surgical Suture के विशिष्ट वित्तीय दबावों से अलग है।

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