Cent AI Health Platform: क्या बदल जाएगी बीमारी पकड़ने की सोच? जानें नई टेक कंपनी की कहानी

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Cent AI Health Platform: क्या बदल जाएगी बीमारी पकड़ने की सोच? जानें नई टेक कंपनी की कहानी
Overview

भारत के हेल्थ टेक सेक्टर में एक नई उम्मीद जगी है। Practo के पूर्व CEO, शशांक एनडी (Shashank ND) की अगुवाई वाली नई कंपनी 'Cent' ने अपना AI-संचालित प्रिवेंटिव हेल्थ इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी एडवांस इमेजिंग, बायोमार्कर और AI का इस्तेमाल करके गंभीर बीमारियों का पता उनके लक्षण दिखने से पहले ही लगा लेगी।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया कदम: 'Cent' का आगाज़

Cent का लॉन्च भारत के तेजी से बढ़ते प्रिवेंटिव हेल्थ (Preventive Health) सेक्टर में एक बड़ा कदम है। यह कंपनी AI का इस्तेमाल करके बीमारियों का शुरुआती और प्री-सिम्पटोमैटिक स्टेज (pre-symptomatic stages) पर पता लगाने की कोशिश करेगी। यह स्वास्थ्य सेवाओं के अप्रोच में एक बड़ा बदलाव है, जहां अब सिर्फ इलाज पर फोकस न होकर, बीमारी को पनपने से पहले ही रोकने की तैयारी होगी।

AI से बीमारियों की पुख्ता पहचान

Cent सिर्फ एक डायग्नोस्टिक सर्विस नहीं, बल्कि एक 'प्रिवेंटिव हेल्थ इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' के तौर पर काम करेगी। कंपनी होल-बॉडी एमआरआई (whole-body MRI), लो-डोज़ सीटी स्कैन (low-dose CT scans), डीईएक्सए स्कैन (DEXA scans), ईसीजी (ECG) और 120 से ज्यादा बायोमार्कर (biomarkers) का विश्लेषण AI की मदद से करेगी। इस प्लेटफॉर्म को Practo के फाउंडर शशांक एनडी, अर्पिता गर्ग (Arpit Garg) और अंशुल खंडेलवाल (Anshul Khandelwal) ने मिलकर बनाया है।

कंपनी ने इसी साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) में काम शुरू किया था और तब से 1,500 से ज्यादा स्कैन कर चुकी है। इसमें 26% मामलों में क्लिनिकली महत्वपूर्ण (clinically meaningful) बातें सामने आईं, और 4% मामलों में गंभीर बीमारियों का पता चला। Cent का दावा है कि उनका 'अर्ली डिटेक्शन इंडेक्स' (Early Detection Index - EDI) 83% है, जो कि सामान्य सालाना हेल्थ चेक-अप (जो आमतौर पर 15-20% ही होते हैं) से कहीं बेहतर है। भारत में AI इन हेल्थकेयर मार्केट के 30% सालाना बढ़ने का अनुमान है और यह 2030 तक $35 बिलियन तक पहुंच सकता है। वहीं, भारतीय डायग्नोस्टिक्स मार्केट का कुल मूल्य लगभग $18.4 बिलियन है।

रेगुलेटरी और विश्वास की चुनौती

AI का मेडिकल डायग्नोस्टिक्स में इस्तेमाल Cent को एक मुश्किल रेगुलेटरी माहौल में खड़ा करता है। भारत सरकार ने हाल ही में AI डायग्नोस्टिक सॉफ्टवेयर को क्लास सी मेडिकल डिवाइस (Class C medical devices) के तहत वर्गीकृत किया है। इसका मतलब है कि ऐसे टूल्स के लिए कड़ी लाइसेंसिंग प्रक्रिया, भारतीय मरीजों पर क्लिनिकल वैलिडेशन (clinical validation) और पोस्ट-मार्केट सर्विलांस (post-market surveillance) जैसे सख्त नियम लागू होंगे। इन नियमों का पालन करना खासकर नई और छोटी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

ग्राहकों और डॉक्टर्स का भरोसा जीतना भी एक बड़ी बाधा है। AI एल्गोरिथम में पक्षपात (algorithmic bias) और ट्रेनिंग डेटा में विविधता की कमी जैसी चिंताओं के कारण लोगों को इस पर भरोसा करने में समय लग सकता है। Cent सीधे ग्राहकों को सर्विस देने का मॉडल अपना रही है, जो मौजूदा हेल्थकेयर सिस्टम के साथ कुछ टकराव पैदा कर सकता है।

हेल्थ टेक में बड़ा दांव

हेल्थ टेक सेक्टर में स्टार्टअप्स के लिए विफलता की दर बहुत अधिक है, कुछ आंकड़ों के अनुसार 98% डिजिटल हेल्थ स्टार्टअप सफल नहीं हो पाते। Cent का मॉडल काफी कैपिटल-इंटेंसिव (capital-intensive) है। इसे सिर्फ टेक्नोलॉजी पर ही नहीं, बल्कि कई शहरों में फिजिकल सेंटर्स स्थापित करने होंगे, जिसकी शुरुआत बेंगलुरु (Bengaluru), मुंबई (Mumbai) और दिल्ली (Delhi) से हो रही है।

OneFlow Holdings और South Park Commons से मिले $5 मिलियन के सीड फंडिंग (seed funding) से कंपनी को अपने बड़े विस्तार की योजनाओं और ऑपरेशनल खर्चों को पूरा करना होगा। प्रोडक्ट-मार्केट फिट (product/market fit) की कमी, पैसों की दिक्कत और टीम की समस्याएं स्टार्टअप फेल होने के मुख्य कारण हैं। Cent के फाउंडर शशांक एनडी के पास Practo को स्केल करने का अनुभव है, लेकिन उस वेंचर ने भी कई चुनौतियों का सामना किया था। भारत में स्वास्थ्य पर जीडीपी का केवल 3% खर्च होता है, ऐसे में सीधे ग्राहकों को लक्ष्य बनाने वाले प्रिवेंटिव मॉडल की लंबी अवधि की आर्थिक स्थिरता एक बड़ी चुनौती है।

भविष्य की राह और मार्केट पोजीशन

Cent ने 2035 तक 10 मिलियन स्कैन करने और 1 मिलियन जानें बचाने का लंबा लक्ष्य रखा है। कंपनी खुद को भारत के AI-संचालित हेल्थ डायग्नोस्टिक्स इकोसिस्टम में एक प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर पेश कर रही है। इसका मिशन गंभीर बीमारियों का पता लगाना है, जो आज भारत में एक बड़ी जरूरत है, खासकर जब लगभग 70% कैंसर के मामले देर से स्टेज पर पता चलते हैं।

कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने विस्तार की योजना को नए रेगुलेटरी नियमों के साथ कैसे साधती है और ग्राहकों का भरोसा कैसे जीत पाती है। इसके लिए सिर्फ तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि बाजार की गतिशीलता को समझना और डॉक्टर व मरीजों दोनों का विश्वास हासिल करने वाली मजबूत क्लिनिकल वैलिडेशन प्रक्रिया भी अहम होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.