किफ़ायती कैंसर थेरेपी की ओर Cellogen का बड़ा कदम
भारत के बढ़ते बायोटेक सेक्टर में एक और महत्वपूर्ण निवेश हुआ है। Cellogen Therapeutics ने Kotak Alternate Asset Managers के नेतृत्व में ₹20 करोड़ की फंडिंग हासिल की है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य कंपनी के CAR-T और जीन थेरेपी प्रोग्राम को मजबूती देना है, खासकर इसके खास 'बाईस्पेशियल CAR-T' कैंडिडेट पर।
बड़ा लक्ष्य: लागत में भारी कटौती
Cellogen का सबसे बड़ा मिशन जीवन रक्षक CAR-T थेरेपी की लागत को भारी मात्रा में कम करना है। फिलहाल दुनिया भर में इसका खर्च $500,000 से $700,000 तक आता है, लेकिन Cellogen इसे घटाकर $60,000 से $70,000 के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। यह कदम भारत जैसे देशों के लिए बेहद अहम है, जहां ब्लड कैंसर और जेनेटिक बीमारियों के मामले ज़्यादा हैं और महंगे इलाज एक बड़ी चुनौती हैं। Kotak Life Sciences Fund I के ज़रिए हुआ यह निवेश, स्वास्थ्य सेवा स्टार्टअप्स पर Kotak के फोकस को दर्शाता है।
फंड का इस्तेमाल
इस नई पूंजी का उपयोग कंपनी अपने बाईस्पेशियल CAR-T प्रोग्राम को आगे बढ़ाने, जीन थेरेपी पाइपलाइन का विस्तार करने और क्लिनिकल ट्रायल्स व मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी। कंपनी का लक्ष्य क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर (CMC Vellore) के साथ मिलकर फेज़ I ट्रायल्स शुरू करना है।
भारत का उभरता बायोटेक परिदृश्य
Cellogen, भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे बायोटेक इकोसिस्टम का हिस्सा है, जहां 11,000 से ज़्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। सरकारी पहलों और रेगुलेटर्स (जैसे CDSCO) के बदलते रुख के बीच, भारत में नई और उन्नत थेरेपी के लिए रास्ता खुल रहा है। हाल ही में भारत की अपनी पहली CAR-T थेरेपी, ImmunoACT की NexCAR19 को मंज़ूरी मिली है, जिसकी कीमत भी वैश्विक विकल्पों से कम है। CMC Vellore की रिसर्च भी बताती है कि हॉस्पिटल में ही (पॉइंट-ऑफ-केयर) CAR-T थेरेपी का उत्पादन लागत को काफी कम कर सकता है। Cellogen का फोकस भी इसी दिशा में है। इससे पहले, Natco Pharma ने भी Cellogen में लगभग ₹15 करोड़ का निवेश कर 5.38% हिस्सेदारी ली थी।
चुनौतियां और आगे का रास्ता
हालांकि, Cellogen के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उसका लक्ष्य मूल्य $60,000-$70,000 अभी भी ImmunoACT के NexCAR19 (जिसकी कीमत $20,000-$50,000 है) से काफी ज़्यादा है, जो भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। बाईस्पेशियल CAR-T थेरेपी का विकास, सिंगल-टारगेट थेरेपी की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग और रेगुलेटरी प्रक्रिया को और जटिल बना देता है। उत्पादन को किफायती तरीके से बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, फेज़ I ट्रायल्स के लिए CMC Vellore पर निर्भरता भी एक अहम फैक्टर है। Cellogen को अपनी थेरेपी की प्रभावशीलता साबित करने के साथ-साथ एक स्केलेबल और कॉस्ट-एफिशिएंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस दिखाना होगा, जो इसके मूल्य निर्धारण को सही ठहरा सके।