Bupa के CEO, Iñaki Ereño, वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक अनोखा 6 घंटे का इंटरव्यू प्रोसेस इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कड़ी प्रक्रिया का मकसद हायरिंग के जोखिम को कम करना और कंपनी में बेहतर कल्चरल फिट सुनिश्चित करना है। यह तरीका प्रोफेशनल अनुभव के साथ-साथ व्यक्तिगत चरित्र और पहल क्षमता पर भी जोर देता है।
6 घंटे में CEO कैसे चुनते हैं परफेक्ट लीडर?
ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी Bupa के CEO, Iñaki Ereño, टॉप लीडरशिप की भर्ती के लिए अपने खास तरीके को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने पारंपरिक कॉर्पोरेट इंटरव्यू से हटकर, 6 घंटे का एक विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया बनाई है, जिसे तीन हिस्सों में बांटा गया है, हर हिस्सा 2 घंटे का।
Bupa जैसी कंपनी, जिसने 2025 में लगभग $24.5 बिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया और 190 देशों में अपनी मौजूदगी रखती है, वहां एक गलत लीडरशिप निर्णय भारी पड़ सकता है, चाहे वह फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात हो या कंपनी के कल्चर की।
रिज्यूमे से परे, चरित्र का आकलन
इस प्रक्रिया का पहला 2 घंटे का सेशन कैंडिडेट के प्रोफेशनल बैकग्राउंड और क्वालिफिकेशन्स की औपचारिक समीक्षा के लिए होता है। लेकिन इसके बाद का फोकस व्यवहारिक अवलोकन पर चला जाता है। Ereño इस प्रक्रिया में एक अनौपचारिक भोजन (meal) भी शामिल करते हैं, जिसका उपयोग वे कैंडिडेट के आत्मविश्वास और अनस्ट्रक्चर्ड (unstructured) माहौल में स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को परखने के लिए करते हैं। उदाहरण के लिए, वे ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जो अपनी पसंद का ऑर्डर देने में पहल दिखाते हैं, इसे दूसरों की नकल करने की बजाय स्वतंत्र सोच का संकेत मानते हैं।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कैंडिडेट इन मीटिंग्स के दौरान सर्विस स्टाफ के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। Ereño इस बात पर जोर देते हैं कि एक लीडर दूसरों के साथ कैसा बर्ताव करता है, यह उसके कैरेक्टर का एक अहम पैमाना है। Bupa मैनेजमेंट के लिए एक खास कल्चरल स्टैंडर्ड बनाए रखना जरूरी है, और इन इंटरपर्सनल (interpersonal) असेसमेंट्स को टेक्निकल या फाइनेंशियल एक्सपर्टाइज जितनी ही अहमियत दी जाती है।
लीडरशिप में लंबी अवधि की स्थिरता का असर
आखिरी 2 घंटे का सेशन कैंडिडेट की व्यक्तिगत प्रेरणाओं और लंबी अवधि की अपेक्षाओं पर केंद्रित होता है। इन क्षेत्रों की पड़ताल करके, कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि व्यक्ति के मूल मूल्य Bupa के रणनीतिक लक्ष्यों के साथ संरेखित हों। यह तरीका ग्लोबल कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उस बढ़ते ट्रेंड को दर्शाता है, जहां हाई-लेवल रोल्स के लिए 'सॉफ्ट स्किल्स' और कल्चरल अलाइनमेंट पर जोर बढ़ा है। इन्वेस्टर्स के लिए, टॉप मैनेजमेंट की स्थिरता और गुणवत्ता बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि लीडरशिप में बदलाव सीधे स्ट्रेटेजिक एग्जीक्यूशन (strategic execution), ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और अंततः लंबी अवधि के शेयरहोल्डर वैल्यू (shareholder value) को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह की हायरिंग प्रैक्टिसेज सीधे तिमाही नतीजों में नजर नहीं आतीं, लेकिन ये कंपनी के आंतरिक मैनेजमेंट स्टैंडर्ड्स और लीडरशिप टर्नओवर (leadership turnover) से जुड़े जोखिमों को कम करने के प्रयासों का एक मार्कर हैं। इस अप्रोच की प्रभावशीलता कंपनी की आने वाले सालों में अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस में स्थिर प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) और लगातार ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता के माध्यम से जांची जाएगी।
