निवेशकों का मजबूत भरोसा, शेयर गिरे फिर भी दांव कायम
जहां एक तरफ भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी और दिवंगत राकेश झुनझुनवाला की एस्टेट (विरासत) ने Concord Biotech और BF Utilities जैसे उन शेयरों में अपना भरोसा दिखाया है, जो अपने शिखर से क्रमशः 55% और 80% तक गिर चुके हैं। यह स्थिति बाजार की आम धारणा के विपरीत, लंबी अवधि के फंडामेंटल्स और वास्तविक मूल्य (intrinsic value) पर जोर देती है, जो इन अनुभवी निवेशकों की खास पहचान है।
Concord Biotech: मार्जिन दबाव के बीच ऑपरेशनल मजबूती
Concord Biotech, जो बायोटेक्नोलॉजी सेगमेंट में सक्रिय है, ने अपने ऑल-टाइम हाई ₹2,664 (सितंबर 2024) से गिरकर लगभग ₹1,100 पर कारोबार कर रहा है। कंपनी की बिक्री और EBITDA में फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले तीन तिमाहियों में पिछले साल की तुलना में गिरावट आई थी। इसके नए इंजेक्टेबल फैसिलिटी और अमेरिकी सब्सिडियरी से जुड़ी शुरुआती लागतों ने भी मार्जिन पर दबाव डाला है।
हालांकि, कंपनी के फंडामेंटल्स काफी मजबूत दिखते हैं। इसका ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) 28-30% है, जो फार्मा इंडस्ट्री की औसत 15% से काफी बेहतर है। Concord Biotech लगभग कर्ज-मुक्त (debt-free) है, जो इसे वित्तीय मजबूती देता है। ब्रोकरेज हाउसेज की राय भी आम तौर पर 'बाय' या 'आउटपरफॉर्म' की है, जिनका 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस करीब ₹1,427 है। फिलहाल, इसका P/E रेशियो 36x से 40x के बीच है, जो इंडस्ट्री के औसत 26.4x से अधिक है, यानी निवेशक इसकी मजबूत कैपिटल एफिशिएंसी के लिए प्रीमियम देने को तैयार हैं। हालिया तिमाही नतीजों में EPS और रेवेन्यू एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम रहे।
BF Utilities: कर्ज और देनदारियों के बीच सफर
BF Utilities Ltd., जो विंड पावर जेनरेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में है, की कहानी थोड़ी अलग है। इसका शेयर अपने हाई ₹2,628 से गिरकर ₹490-₹500 के स्तर पर आ गया है, यानी 80% से ज्यादा की गिरावट। कंपनी की बिक्री में साल-दर-साल गिरावट आई है, हालांकि EBITDA और नेट प्रॉफिट में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
यहां मुख्य जोखिम कंपनी की ₹500 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटी (संभावित देनदारी) है, जो एक आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़ी है। साथ ही, कंपनी पर 4.7x का भारी डेट-टू-इक्विटी रेशियो है, जिससे ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है। इन चिंताओं के बावजूद, BF Utilities का ऐतिहासिक ROCE 18% (10 साल का औसत) रहा है, जो इंडस्ट्री के 7% औसत से कहीं बेहतर है। इसका P/E रेशियो 5x से 15x के बीच है, जो इंडस्ट्री के 21x के औसत से काफी कम है। कंपनी ने हाल ही में SEBI के साथ लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में ₹3.6 करोड़ का भुगतान करके समझौता किया है। विंड पावर सेक्टर भारत में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन BF Utilities की वित्तीय स्थिति एक बड़ी चुनौती पेश करती है।
दमानी और झुनझुनवाला एस्टेट का 'डीप वैल्यू' दांव
राधाकिशन दमानी अपनी वैल्यू इन्वेस्टिंग की फिलॉसफी के लिए जाने जाते हैं, जो लंबी अवधि के विजन और जोखिम प्रबंधन पर आधारित है। वहीं, राकेश झुनझुनवाला की एस्टेट Concord Biotech में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बनाए रखकर इसी तरह का विश्वास दिखा रही है। ये अनुभवी निवेशक शेयर की अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से परे, कंपनी की असली वैल्यू, मजबूत रिटर्न ऑन कैपिटल, मैनेज करने योग्य डेट (या डेट-फ्री होना Concord Biotech के मामले में) और भविष्य की ऑपरेशनल ग्रोथ पर दांव लगाते हैं। वे Concord Biotech के मार्जिन में सुधार और BF Utilities की देनदारियों के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, और मौजूदा भारी गिरावट को एक मौके के तौर पर देख रहे हैं।
आगे क्या?
एनालिस्ट्स Concord Biotech के लिए अगले तीन सालों में 17-24% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ और 23.7% EPS ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं, जो 30% तक का अपसाइड दिखा सकता है। भारतीय फार्मा सेक्टर भी मजबूत ग्रोथ की राह पर है। दूसरी ओर, BF Utilities के लिए खास फॉरवर्ड-लुकिंग अनुमान आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। यह कंपनी पावर जेनरेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में है, लेकिन इसकी वित्तीय संरचना और देनदारियां इसे एक सट्टा (speculative) दांव बनाती हैं। निवेशकों को इन बड़े जोखिमों और दमानी व झुनझुनवाला एस्टेट के विश्वास के बीच सावधानी से संतुलन बनाना होगा।