Bharat Biotech ने गवि (Gavi) के साथ मिलकर मलेरिया वैक्सीन की कीमतों में **40%** की बड़ी गिरावट का ऐलान किया है। साल **2027** की शुरुआत से इसकी कीमत **EUR 5.50** प्रति डोज होगी, जिससे टीकाकरण अभियानों को **$50 मिलियन** की बचत होगी।
मैन्युफैक्चरिंग और पार्टनरशिप का असर
इस प्राइस कट के पीछे कंपनी की बढ़ती हुई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है। Bharat Biotech ने अपने पार्टनर GlaxoSmithKline के साथ मिलकर $200 मिलियन का निवेश नई फैसिलिटीज और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर किया है। फार्मा सेक्टर में, जब ओरिजिनल डेवलपर अकेले ग्लोबल डिमांड को पूरा नहीं कर पाता, तब ऐसा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर बहुत अहम हो जाता है। इसी बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के जरिए कंपनी प्रति यूनिट लागत को कम कर पा रही है।
ग्लोबल स्वास्थ्य अभियानों को बूस्ट
इस कदम से साल 2027 से 2029 के बीच इंटरनेशनल चाइल्ड इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम्स को करीब $50 मिलियन की बचत होने की उम्मीद है। अफ्रीका के 25 देशों में अब तक 74 मिलियन से ज्यादा डोज पहुंचाई जा चुकी हैं, जो इस वैक्सीन की बढ़ती डिमांड को दिखाता है।
भविष्य का लक्ष्य और चुनौतियां
Bharat Biotech का मिशन साल 2030 तक 50 मिलियन बच्चों को मलेरिया से सुरक्षित करना है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि इस मॉडल की सफलता International Finance Facility for Immunisation से मिलने वाले लगातार फाइनेंशियल सपोर्ट और नई मैन्युफैक्चरिंग लाइन्स के स्मूथ ऑपरेशंस पर टिकी है। किसी भी तरह की लॉजिस्टिक बाधा या कच्चे माल की किल्लत इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर असर डाल सकती है। अब मार्केट की नजर इस पर होगी कि कंपनी कैसे अपनी प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखते हुए इस हाई-वॉल्यूम, लो-प्राइस मॉडल को आगे ले जाती है।
