Bharat Biotech अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य सेल थेरेपी, जीन थेरेपी और नए टीकों पर रिसर्च के लिए फंड जुटाना है। कर्ज मुक्त (Debt-free) बैलेंस शीट वाली यह कंपनी सालाना **₹2,000 करोड़** का रेवेन्यू कमाती है।
बाजार में आने की तैयारी
वैक्सीन सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Biotech ने अब पब्लिक लिस्टिंग यानी IPO पर विचार करना शुरू कर दिया है। कंपनी के फाउंडर Krishna Ella ने संकेत दिए हैं कि वे रिसर्च और नए बिजनेस अधिग्रहण के लिए बाजार से फंड जुटा सकते हैं। यह बदलाव कंपनी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि अब वह सिर्फ वैक्सीन तक सीमित न रहकर खुद को एक बड़ी बायोटेक कंपनी के तौर पर स्थापित करना चाहती है।
नया रिसर्च पाइपलाइन
कंपनी ने अब अपना ध्यान सेल और जीन थेरेपी, और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज पर शिफ्ट किया है। इन तकनीकों का इस्तेमाल कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के इलाज में होता है, जो भारत में अभी काफी महंगे हैं। कंपनी का लक्ष्य इन एडवांस ट्रीटमेंट्स को देश में सुलभ बनाना है। इसके अलावा, कंपनी टीबी, निपाह और इबोला जैसी बीमारियों के लिए भी नए टीके विकसित कर रही है।
मजबूत फाइनेंशियल नींव
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी काफी मजबूत है। Bharat Biotech का सालाना रेवेन्यू लगभग ₹2,000 करोड़ है और सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। हाल ही में कंपनी ने ओडिशा में ₹1,500 करोड़ का प्लांट बिना किसी बाहरी कर्ज के, अपने कैश रिजर्व से खड़ा किया है।
नेतृत्व में बदलाव
कंपनी में अब नई पीढ़ी का दखल भी बढ़ रहा है। Raches Ella ह्यूमन वैक्सीन और जीन थेरेपी डिवीजन को संभाल रहे हैं, जबकि Jalachari Ella वेटनरी (पशु चिकित्सा) बिजनेस की कमान देख रहे हैं।
बायोटेक सेक्टर में रिसर्च पर बहुत अधिक पैसा खर्च होता है और इसमें जोखिम भी ज्यादा होता है। निवेशकों के लिए कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कैसे अपनी नई थेरेपी और रिसर्च को सफलतापूर्वक बाजार में उतारती है। फिलहाल कंपनी की तरफ से IPO की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है, लेकिन बाजार की नजरें कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल और उसके नए विजन पर टिकी रहेंगी।
