ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर पर अपनी कवरेज शुरू की है। फर्म का अनुमान है कि यह सेक्टर अगले 10 सालों में चार गुना बढ़कर **$195 अरब** का हो सकता है।
हेल्थकेयर सेक्टर में बंपर ग्रोथ का अनुमान
Bernstein ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर अगले दशक में जबरदस्त तरक्की कर सकता है। फर्म का मानना है कि भारत एडवांस्ड बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी के दम पर यह सेक्टर ग्लोबल मार्केट में बड़ी वैल्यू क्रिएट करेगा।
Bernstein के अनुसार, स्पेशलाइज्ड मेडिकल ट्रीटमेंट्स, जैसे कि वेट मैनेजमेंट, प्रिवेंटिव केयर और डिजिटल हेल्थ, के ग्लोबल मार्केट में $400 अरब की बढ़ोतरी की उम्मीद है। भारतीय कंपनियां इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा हासिल कर सकती हैं, खासकर पारंपरिक जेनेरिक दवाओं से आगे बढ़कर। फर्म ने मेटाबोलिक पेप्टाइड्स, आरएनए थेरेपी और ड्रग-डिवाइस कॉम्बिनेशन्स जैसे क्षेत्रों में विस्तार की संभावना जताई है।
AI और क्वालिटी पर फोकस
प्रोडक्ट इनोवेशन के अलावा, Bernstein ने जेनरेटिव AI को अपनाने को मुनाफे के लिए एक बड़ा फैक्टर बताया है। फर्म का अनुमान है कि रिसर्च और ऑपरेशंस में AI को इंटीग्रेट करने से प्रॉफिट मार्जिन में 3% से 4% तक का इजाफा हो सकता है। इसके साथ ही, भारतीय कंपनियां क्वालिटी कल्चर को मजबूत कर रही हैं, जिससे रेगुलेटेड मार्केट्स में हाई-वैल्यू वाली दवाओं का एक्सपोर्ट बढ़ेगा।
स्टॉक पर क्या है राय?
हालांकि Pharma Nifty इंडेक्स का वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत 30.5x से ऊपर चल रहा है, Bernstein का मानना है कि उसके पसंदीदा स्टॉक्स की पोजीशन अलग है। ब्रोकरेज का मानना है कि मार्केट US जेनेरिक्स मार्केट के शॉर्ट-टर्म प्राइसिंग प्रेशर को लेकर ज़्यादा चिंतित है और नई, इनोवेशन-आधारित रेवेन्यू स्ट्रीम्स के लॉन्ग-टर्म इंपैक्ट को अनदेखा कर रहा है।
Bernstein ने Zydus Lifesciences, Lupin और Sun Pharma के लिए 'Outperform' रेटिंग दी है। Zydus Lifesciences को टॉप पिक बताया गया है, जिसकी वजह उसका मजबूत एग्जीक्यूशन और स्पेशलाइज्ड पाइपलाइन है। वहीं, Aurobindo Pharma को 'Market-Perform' और Biocon व Mankind Pharma को 'Underperform' रेटिंग मिली है।
निवेशकों के लिए खास बातें
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इनोवेशन-लेड थेरेपीज़ में जेनेरिक मैन्युफैक्चरिंग की तुलना में डेवलपमेंट कॉस्ट और रेगुलेटरी रिस्क ज़्यादा होता है। Bernstein ने भले ही लॉन्ग-टर्म में पॉजिटिव आउटलुक दिया हो, लेकिन कंपनियों का प्रदर्शन उनके R&D प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक एग्जीक्यूट करने और ग्लोबल क्वालिटी स्टैंडर्ड्स बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
निवेशकों को आने वाले समय में इन आला-थेरेपीज़ के कमर्शियलाइजेशन, AI से मिलने वाले मार्जिन गेन और वैश्विक रेगुलेटरी आवश्यकताओं को नेविगेट करने की कंपनियों की क्षमता पर नज़र रखनी होगी। US ड्रग प्राइसिंग पॉलिसी में बदलाव और डोमेस्टिक रेगुलेटरी स्टेबिलिटी भी सेक्टर की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।
