Avience Biomedicals के IPO में निवेशकों ने रिकॉर्ड तोड़The Avience Biomedicals IPO, जो NSE SME प्लेटफॉर्म पर था, ने अंतिम दिन तक **350** गुना से ज़्यादा का सब्सक्रिप्शन हासिल किया। इस डायग्नोस्टिक्स कंपनी ने उत्तर प्रदेश में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए **₹30.24 करोड़** जुटाए हैं। बिडिंग प्रक्रिया पूरी होने के साथ, कंपनी **25 जून, 2026** को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगी।
क्या हुआ?
Avience Biomedicals Limited का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 22 जून, 2026 को समाप्त हुआ, जिसमें निवेशकों की ज़बरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली। यह SME इश्यू 18 जून को खुला था और अंतिम दिन तक 350 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी ने ₹196 से ₹208 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में 14.53 लाख शेयर ऑफर किए थे, जिससे ₹30.24 करोड़ जुटाए गए। रिटेल, नॉन-इंस्टीट्यूशनल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों, सभी ने इस शेयर बिक्री में भारी हिस्सेदारी की।
बिज़नेस और विस्तार की रणनीति
कंपनी मेडिकल डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में काम करती है और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) प्रोडक्ट्स, रैपिड टेस्ट किट और मेडिकल डिवाइसेस बनाती है। यह पैथोलॉजी लैब्स, हॉस्पिटल्स और रिसर्च सेंटर्स को बायोकेमिकल एनालाइज़र और रिएजेंट जैसे प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा - करीब ₹15.96 करोड़ - उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) रीजन में मेडिकल डिवाइस पार्क में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए रखा गया है। बाकी फंड वर्किंग कैपिटल और जनरल कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए आवंटित किए गए हैं।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल स्थिति
Avience Biomedicals ने हाल के वर्षों में ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी ने ₹45.97 करोड़ का रेवेन्यू और ₹7.23 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में डेंगू, मलेरिया और एचआईवी जैसी बीमारियों के लिए किट के साथ-साथ बायोकेमिस्ट्री इक्विपमेंट जैसी टेस्टिंग ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता है। अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करके, कंपनी डायग्नोस्टिक टेस्टिंग और मेडिकल इक्विपमेंट की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
SME IPO के रिस्क और ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि हाई ओवरसब्सक्रिप्शन मार्केट के मज़बूत सेंटीमेंट को दर्शाता है, SME IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को कुछ खास जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। मेनबोर्ड स्टॉक्स की तुलना में SME स्टॉक्स में अक्सर लिक्विडिटी कम होती है, जिससे प्राइस में ज़्यादा वोलैटिलिटी और बाय-सेल ऑर्डर के बीच बड़े गैप हो सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस मॉडल सरकारी स्वास्थ्य नीतियों, मेडिकल डिवाइसेस के लिए रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स और लगातार प्रोडक्ट क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करता है। प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की सफलता भी समय पर एग्जीक्यूशन और ऑपरेशनल लागतों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
एप्लीकेंट्स के लिए अगला अहम डेवलपमेंट शेयर अलॉटमेंट है, जो 23 जून, 2026 को होने की उम्मीद है, जिसके बाद 25 जून, 2026 को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग होगी। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट किए गए हैं, वे लिस्टिंग के दिन के प्रदर्शन और उसके बाद की लिक्विडिटी पर नज़र रखेंगे। लॉन्ग टर्म में, उत्तर प्रदेश में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के निर्माण की प्रगति, सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और उसके मेडिकल डिवाइस पोर्टफोलियो के लिए रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़े किसी भी अपडेट पर नज़र रखी जाएगी।
