Aurobindo Pharma के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा। कंपनी को पहली बार इनहेलर (Inhaler) बनाने के लिए USFDA की मंजूरी मिल गई है, जो **$301 मिलियन** के मार्केट अवसर को भुनाने में मदद करेगी। दूसरी ओर, कंपनी की एक यूनिट में रेगुलेटरी ऑब्जर्वेशन भी सामने आया है।
Aurobindo Pharma ने अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमता का एक बड़ा सबूत दिया है। कंपनी को अमेरिकी नियामक USFDA से Beclomethasone Dipropionate HFA Inhalation Aerosol के लिए मंजूरी मिल गई है। यह 40 mcg और 80 mcg के स्ट्रेंथ में उपलब्ध होगा।
नई ऊंचाई की ओर कंपनी
यह पहली बार है जब कंपनी को किसी 'मीटर्ड-डोज इनहेलर' (MDI) के लिए USFDA से ग्रीन सिग्नल मिला है। दवा बाजार के जानकारों का मानना है कि कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स सेगमेंट में प्रवेश करना कंपनी की ग्रोथ के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इस सेगमेंट में मुकाबला कम और मार्जिन ज्यादा होता है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रोडक्ट का मार्केट साइज $301 मिलियन का है।
ऑडिट और रेगुलेटरी अपडेट
इस खुशी के साथ-साथ कंपनी को कुछ तकनीकी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। कंपनी की सब्सिडियरी Apitoria Pharma की यूनिट-II (तेलंगाना) में हाल ही में हुए ऑडिट में रेगुलेटर ने 1 ऑब्जर्वेशन निकाला है। कंपनी ने साफ किया है कि वह जल्द ही इसका जवाब दाखिल करेगी।
राहत की बात यह रही कि Apitoria की यूनिट-IV (आंध्र प्रदेश) ने ऑडिट को सफलतापूर्वक पास कर लिया है और वहां 0 ऑब्जर्वेशन मिले हैं।
निवेशकों के लिए अहम आंकड़े
फिलहाल शेयर ₹1,660.00 के आसपास कारोबार कर रहा है। स्टॉक अपने 52-वीक हाई यानी ₹1,706.70 के काफी करीब है। कंपनी का मार्केट कैप अब लगभग ₹96,697 करोड़ पहुंच चुका है और कुल USFDA अप्रूवल की संख्या बढ़कर 596 हो गई है। निवेशकों को अब कंपनी की ओर से ऑडिट ऑब्जर्वेशन को सुलझाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और नई दवा की लॉन्चिंग स्पीड पर नजर रखनी चाहिए।
