मार्जिन में आई गिरावट ने निवेशकों को किया परेशान
Aurobindo Pharma ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने चौथे तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 7% तक की गिरावट आ गई। कंपनी ने बताया कि Q4 FY26 में उनका नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹920.84 करोड़ हो गया है। वहीं, कुल रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹8,382.12 करोड़ से बढ़कर ₹8,853.34 करोड़ हो गया।
हालांकि, इसी दौरान कंपनी का खर्च भी बढ़कर ₹7,677.34 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹7,149.65 करोड़ था। इस वजह से, कंपनी के Ebitda (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में मामूली 0.5% की बढ़ोतरी होकर ₹1,801 करोड़ रहा। लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह रही कि Ebitda मार्जिन पिछले साल की 21.4% की तुलना में घटकर 20.3% पर आ गया, जो 103 बेसिस पॉइंट की गिरावट है। यही वजह है कि निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी।
US बाजार में कमजोरी बरकरार
Aurobindo Pharma ने कहा कि इस तिमाही में US फॉर्मेटिंग बिजनेस में नरमी देखी गई। इस सेगमेंट से रेवेन्यू 13% घटकर ₹3,543 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹4,072 करोड़ था। आपको बता दें कि US बाजार Aurobindo Pharma के कुल रेवेन्यू का करीब 40% हिस्सा है, और इसमें आई यह गिरावट "लोअर ट्रांजिएंट सेल्स" के कारण बताई जा रही है।
यूरोप में शानदार प्रदर्शन
US बाजार के विपरीत, Aurobindo Pharma का यूरोपियन फॉर्मेटिंग बिजनेस इस बार काफी मजबूत दिखा। यूरोप से रेवेन्यू में 30.2% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,795 करोड़ पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी मुख्य यूरोपीय बाजारों में कंपनी के अच्छे प्रदर्शन की वजह से हुई। Aurobindo Pharma दुनिया भर के 150 से अधिक देशों में जेनेरिक (Generic) और ब्रांडेड दवाएं बनाने और बेचने का काम करती है।
