Aurobindo Pharma: 10,000 टन बढ़ाएगी उत्पादन, सरकारी पॉलिसी बनी बड़ी वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Aurobindo Pharma: 10,000 टन बढ़ाएगी उत्पादन, सरकारी पॉलिसी बनी बड़ी वजह
Overview

Aurobindo Pharma जल्द ही अपने Penicillin-G (Pen-G) उत्पादन को सालाना **10,000 मीट्रिक टन** से ऊपर ले जाने की तैयारी में है। कंपनी का यह बड़ा कदम सरकारी नीतियों, खासकर महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक्स पर न्यूनतम आयात मूल्य में ढील को भुनाने के लिए उठाया गया है, जो घरेलू आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।

सरकारी मदद से प्रोडक्शन में बड़ा उछाल

Aurobindo Pharma अगले 12 महीनों में अपने Penicillin-G (Pen-G) का उत्पादन सालाना 10,000 मीट्रिक टन से काफी बढ़ाने की तैयारी में है। काकीनाडा SEZ फैसिलिटी में इस उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 15,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य है। कंपनी के CFO, S. Subramanian के मुताबिक, यह बड़ी पहल केंद्र सरकार की एक पॉलिसी का नतीजा है, जिसने Pen-G, 6 APA और Amoxicillin जैसे जरूरी एंटीबायोटिक्स पर न्यूनतम आयात मूल्य (Minimum Import Price) में एक साल के लिए ढील दी है। यह कदम भारत को एंटीबायोटिक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद करेगा।

ग्लोबल ऑपरेशन और फाइनेंशियल आउटलुक

कंपनी की OSD China फैसिलिटी 2 अरब यूनिट की सालाना क्षमता तक पहुंच रही है और फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने की उम्मीद है। इसके बाद यह कंपनी के मुनाफे में अहम योगदान देगी। अमेरिका में Dayton फैसिलिटी से कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं और फाइनेंशियल ईयर 2027 से यहां से अच्छी कमाई होने की उम्मीद है। Raleigh फैसिलिटी रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद विस्तार के लिए तैयार है। Aurobindo Pharma, फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 20-21% के EBITDA मार्जिन के अपने लक्ष्य को पूरा करने को लेकर आश्वस्त है। तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में कंपनी का रेवेन्यू ₹8,646 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹7,979 करोड़ से ज्यादा है।

वैल्यूएशन और कॉम्पिटिटिव एज

फरवरी 2026 तक, Aurobindo Pharma का P/E रेशियो लगभग 19.17x है। यह इंडियन फार्मा सेक्टर के एवरेज P/E 26.5x और पीयर एवरेज 45.8x की तुलना में काफी कम है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹67,303 करोड़ है। सरकारी योजनाओं, जैसे प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, की वजह से भारतीय API सेक्टर में 5.0% की ग्रोथ का अनुमान है। Aurobindo का Penicillin-G उत्पादन बढ़ाना इस राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में ला सकता है।

रिस्क फैक्टर्स और रेगुलेटरी जांच

हालांकि, कंपनी को कुछ रेगुलेटरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में तेलंगाना स्थित Unit VII फैसिलिटी का US FDA इंस्पेक्शन हुआ, जिसमें क्वालिटी कंट्रोल, कंटैमिनेशन और डेटा इंटीग्रिटी से जुड़ी नौ ऑब्जर्वेशन सामने आईं। इनमें सैंपल रिकॉर्ड्स के साथ छेड़छाड़ और माइक्रोबियल कंटैमिनेशन जैसे मुद्दे शामिल थे। कंपनी ने कहा है कि वह इन पर तय समय में काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी और उसके डायरेक्टर्स पर पहले भी कुछ विवाद जुड़े रहे हैं, जैसे कि 2019 का Aceto Corporation केस, 2022 में एक डायरेक्टर की शराब नीति स्कैम में गिरफ्तारी, और को-फाउंडर P.V. Ramprasad Reddy पर इनसाइडर ट्रेडिंग का SEBI द्वारा जुर्माना।

फ्यूचर ग्रोथ ड्राइवर्स और एनालिस्ट्स की राय

आगे चलकर, Aurobindo Pharma की ग्रोथ कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट के विस्तार से प्रेरित होने की उम्मीद है। 27 एनालिस्ट्स में से ज्यादातर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, और उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹1,345.19 है, जो 16% से ज्यादा की बढ़ोतरी का संकेत देता है। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना 10.0% की ग्रोथ रहने का अनुमान है।

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