Aurobindo Pharma ने अमेरिकी डर्मेटोलॉजी मार्केट में धाक जमाते हुए अपनी नई दवा ADQUEY लॉन्च की है। कंपनी का यह कदम जेनेरिक दवाओं से हटकर स्पेशलिटी मेडिसिन की तरफ बड़ा बदलाव है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और स्टॉक में **2%** की तेजी दिखी।
Aurobindo Pharma ने अमेरिका में 1% difamilast ऑइंटमेंट 'ADQUEY' को लॉन्च करके अपने हेल्थकेयर पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। यह दवा दो साल और उससे अधिक उम्र के मरीजों में ए टॉपिक डर्मेटाइटिस के इलाज के लिए है। इस पूरे लॉन्च की जिम्मेदारी कंपनी की सब्सिडियरी 'Acrotech Biopharma' संभाल रही है, जिसे खास तौर पर स्पेशलिटी और ब्रांडेड थेरेपी पर फोकस करने के लिए बनाया गया है।
नई रणनीति: जेनेरिक से स्पेशलिटी की ओर
यह नॉन-स्टेरॉयडल ट्रीटमेंट मूल रूप से जापान की Otsuka Pharmaceutical द्वारा खोजा गया था। Aurobindo ने इसे लाइसेंस के जरिए हासिल किया है ताकि वह रिस्की रिसर्च एंड डेवलपमेंट के बजाय पहले से स्थापित थेरेपी पर दांव लगा सके। यह कदम कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अब कम मार्जिन वाली जेनेरिक दवाओं के बजाय $1.3 बिलियन वाले स्पेशलिटी डर्मेटोलॉजी मार्केट से मुनाफा कमाने की कोशिश कर रही है।
फाइनेंशियल्स और चुनौतियां
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। Aurobindo ने ₹9,150 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें साल-दर-साल 16.3% की बढ़त हुई है। वहीं, नेट प्रॉफिट 25.2% बढ़कर ₹1,032 करोड़ पर पहुंच गया है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि स्पेशलिटी दवाओं के लिए मार्केटिंग और सेल्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारी खर्च शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, अमेरिका में दवा की कीमतों को लेकर जारी रेगुलेटरी सख्ती और मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा इस नए बिजनेस के लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
