गैस्ट्रिक कैंसर के इलाज में एक नया सवेरा: Durvalumab को मिली मंजूरी
AstraZeneca Pharma India के लिए एक बड़ी खबर है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने कंपनी की दवा Durvalumab को वयस्क मरीजों के लिए रीसेक्टेबल गैस्ट्रिक या गैस्ट्रोइसोफेगल जंक्शन एडिनोकार्सिनोमा (GC/GEJC) के इलाज में पहली और एकमात्र Perioperative Immunotherapy के तौर पर मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी FLOT कीमोथेरेपी के साथ मिलकर दी गई है।
Perioperative Immunotherapy: एक गेम-चेंजर
इस मंजूरी का मुख्य आधार Phase III MATTERHORN स्टडी के नतीजे हैं। यह नया तरीका इम्यूनोथेरेपी को इलाज की शुरुआत में ही शामिल करता है, जिसका सीधा लक्ष्य बीमारी के दोबारा होने (recurrence) की ऊंची दरों और पांच साल से कम की सर्वाइवल रेट्स से निपटना है, जो स्टैंडर्ड FLOT कीमोथेरेपी के बाद भी 50% से कम रहती हैं। इस स्टडी में यह पाया गया कि Durvalumab के साथ इलाज से इवेंट-फ्री सर्वाइवल (EFS) में 0.71 के हैज़र्ड रेशियो (Hazard Ratio) के साथ महत्वपूर्ण सुधार हुआ। साथ ही, पैथोलॉजिकल कम्प्लीट रिस्पॉन्स (pCR) रेट्स भी अकेले कीमोथेरेपी की तुलना में 7.2% से बढ़कर 19.2% हो गए। ये नतीजे बीमारी के बढ़ने, दोबारा होने या मौत के जोखिम को कम करने में एक बड़ा फायदा बताते हैं, जो इस गंभीर बीमारी के लिए एक बड़ी जरूरत है।
ऑन्कोलॉजी मार्केट में AstraZeneca की मजबूत पकड़
Durvalumab का अप्रूवल एक बदलते हुए ऑन्कोलॉजी मार्केट में AstraZeneca को अग्रणी बनाता है। भारत में गैस्ट्रिक कैंसर के इलाज का मार्केट 2030 तक बढ़कर 686.5 मिलियन USD तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 9.9% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ोतरी हो रही है। इम्यूनोथेरेपी इस सेगमेंट में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। जहां तक प्रतिस्पर्धी की बात करें, तो KEYNOTE-585 जैसी अन्य स्टडीज़ भी इसी क्षेत्र में pembrolizumab का मूल्यांकन कर रही हैं, जो इंडस्ट्री के इस नए ट्रेंड को दर्शाता है। AstraZeneca का ऑन्कोलॉजी पोर्टफोलियो पहले से ही मजबूत है, जिसमें Imfinzi (भारत में अक्टूबर 2019 में लॉन्च) और Lynparza जैसी दवाएं शामिल हैं। ग्लोबल लेवल पर, AstraZeneca के ऑन्कोलॉजी बिज़नेस ने Q2 2025 में 6.3 बिलियन USD का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो 18% की सालाना बढ़ोतरी दिखाता है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 80 बिलियन USD का वार्षिक रेवेन्यू हासिल करना है।
भविष्य की राह और बाजार में पैठ
भारत में हर साल 64,000 से ज़्यादा नए गैस्ट्रिक कैंसर के मामले सामने आते हैं, और यह मौत का छठा प्रमुख कारण है। Perioperative Immunotherapy के रूप में Durvalumab का लॉन्च रीसेक्टेबल गैस्ट्रिक और गैस्ट्रोइसोफेगल जंक्शन कैंसर के प्रबंधन में एक बड़ा कदम है। AstraZeneca Pharma India का मार्केट कैप लगभग ₹21,746 करोड़ है और 3 फरवरी 2026 तक शेयर का भाव करीब ₹8,710 था। कंपनी के प्रमोटर होल्डिंग 75% है, जो इसके मजबूत फंडामेंटल को दिखाता है। उम्मीद है कि यह अप्रूवल इलाज के स्टैंडर्ड को फिर से परिभाषित करेगा और उन मरीजों के लिए सुधार लाएगा जिनके पास सर्जरी के बाद सीमित विकल्प थे। इम्यूनोथेरेपी पर बढ़ता ग्लोबल फोकस और भारत में एडवांस्ड ट्रीटमेंट्स को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति Durvalumab को बाजार में महत्वपूर्ण पैठ बनाने और मरीजों की जीवित रहने की दरों पर गहरा प्रभाव डालने के लिए तैयार करती है।
