AstraZeneca Pharma India के लिए एक बड़ी खबर है। रेगुलेटर CDSCO के एक्सपर्ट पैनल ने ब्रेस्ट कैंसर की एडवांस स्टेज वाली दवा Camizestrant को भारत में इंपोर्ट और बिक्री की हरी झंडी दे दी है।
भारत में कैंसर के इलाज के क्षेत्र में AstraZeneca Pharma India ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) के सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने कंपनी की ब्रेस्ट कैंसर थेरेपी, Camizestrant को इंपोर्ट और मार्केट करने की सिफारिश की है। यह दवा उन मरीजों के लिए खास है जो HR-पॉजिटिव, HER2-नेगेटिव एडवांस ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे हैं और जिनमें ESR1 म्यूटेशन के कारण पुरानी दवाओं का असर होना बंद हो गया है।
रेगुलेटरी राहत और शर्तें
इस दवा की उपलब्धता को तेज करने के लिए, रेगुलेटर्स ने स्थानीय Phase III क्लिनिकल ट्रायल्स की अनिवार्यता से छूट दे दी है। हालांकि, मंजूरी के साथ ही कंपनी पर कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं। कंपनी को दवा के अंतिम अप्रूवल के 3 महीने के भीतर एक Phase IV क्लिनिकल ट्रायल का प्रोटोकॉल जमा करना होगा, जो असल दुनिया में दवा के असर और सुरक्षा की निगरानी करेगा। साथ ही, कमिटी ने स्पष्ट किया है कि यह दवा केवल क्वालीफाइड मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा ही प्रिसक्राइब की जा सकेगी, ताकि हार्ट रिदम से जुड़ी साइड इफेक्ट्स को मैनेज किया जा सके।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
भले ही यह कंपनी के ऑन्कोलॉजी पोर्टफोलियो के लिए एक माइलस्टोन है, लेकिन बाजार की नजरें इसके कमर्शियल सफल होने पर टिकी हैं। सबसे बड़ी चुनौती ESR1 म्यूटेशन की टेस्टिंग है, जो अभी हर जगह उपलब्ध नहीं है। जब तक इसका आसान और किफायती विकल्प नहीं मिलता, तब तक दवा की पहुंच बड़े मेट्रो शहरों के कैंसर सेंटर्स तक ही सीमित रह सकती है।
इसके अलावा, ग्लोबल स्तर पर Camizestrant के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। सितंबर 2026 में अमेरिकी FDA से कॉम्बिनेशन थेरेपी के लिए मंजूरी मिलने के बावजूद, कंपनी को SERENA-4 ट्रायल में बड़ा झटका लगा था, जिसमें यह दवा प्राइमरी गोल पूरा करने में विफल रही थी। अब देखना यह होगा कि कंपनी भारत में इसकी प्राइसिंग और डिस्ट्रिब्यूशन स्ट्रैटेजी कैसे तैयार करती है।
