Artemis Medicare Share: रेवेन्यू में तेज़ी, पर मुनाफे पर दबाव; कंपनी जुटाएगी ₹700 Cr!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Artemis Medicare Share: रेवेन्यू में तेज़ी, पर मुनाफे पर दबाव; कंपनी जुटाएगी ₹700 Cr!
Overview

Artemis Medicare Services ने Q3 FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) **17.73%** बढ़कर **₹26,712.34 लाख** पर पहुंच गया। हालांकि, पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले नेट प्रॉफिट **24.88%** घटकर **₹2,251.28 लाख** रह गया। इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने **₹700 करोड़** जुटाने की योजना को भी मंजूरी दी है।

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Q3 FY26 में Artemis Medicare Services का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 17.73% की शानदार बढ़त के साथ ₹26,712.34 लाख दर्ज किया गया, जो पिछले साल Q3 FY25 में ₹22,689.34 लाख था। वहीं, पिछली तिमाही (Q2 FY26) से तुलना करें तो रेवेन्यू में मामूली 0.99% की गिरावट आई।

प्रॉफिट की बात करें तो, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट टैक्स के बाद साल-दर-साल (YoY) 8.34% बढ़कर ₹2,251.28 लाख रहा, जो Q3 FY25 में ₹2,077.83 लाख था। बेसिक ईपीएस (EPS) भी बढ़कर ₹1.42 हो गया, जो पिछले साल ₹1.33 था। लेकिन, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो नेट प्रॉफिट में 24.88% की बड़ी गिरावट आई, जो पिछली तिमाही Q2 FY26 में ₹2,996.45 लाख था। इस गिरावट की एक वजह ₹307.44 लाख का एक असाधारण आइटम (Exceptional Item) भी था, जो नए लेबर कोड्स के कारण ग्रेच्युटी और लीव देनदारियों पर पड़े प्रभाव को दर्शाता है।

कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर भी कंपनी का रेवेन्यू Q3 FY26 में साल-दर-साल 17.20% बढ़कर ₹27,235.23 लाख हुआ, और नेट प्रॉफिट 8.00% बढ़कर ₹2,223.44 लाख पर पहुंचा।

चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 16.00% बढ़कर ₹78,670.51 लाख रहा, और नेट प्रॉफिट 22.64% बढ़कर ₹7,389.45 लाख हो गया। इस अवधि के लिए बेसिक ईपीएस (EPS) ₹4.68 था, जो पिछले साल ₹3.94 था।

बड़ी फंड जुटाने की योजना (Fundraise Plan)

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹700 करोड़ तक की राशि जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फंड को इक्विटी शेयर, कनवर्टिबल डिबेंचर या अन्य इक्विटी-आधारित सिक्योरिटीज के ज़रिए प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment), प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) या अन्य स्वीकृत तरीकों से जुटाया जा सकता है, जिसके लिए ज़रूरी अनुमतियों की आवश्यकता होगी।

आगे की राह और जोखिम (Risks & Outlook)

निवेशकों के लिए चिंता का विषय तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) मुनाफे में आई बड़ी गिरावट और असाधारण मद का प्रभाव है। ₹700 करोड़ की बड़ी फंड जुटाने की योजना, अगर प्रभावी ढंग से प्रबंधित न हो, तो मौजूदा शेयरधारकों के लिए शेयर डाइल्यूशन (Dilution) का कारण बन सकती है। इसके अलावा, मैनेजमेंट द्वारा भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (Guidance) न देना, भविष्य के प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितता बढ़ा सकता है।

आगे चलकर, निवेशक इस बात पर पैनी नज़र रखेंगे कि कंपनी जुटाई गई पूंजी का उपयोग कैसे करती है और क्या वह पिछली तिमाही के मुनाफे की गिरावट को उलट पाएगी। नए लेबर कोड्स का परिचालन लागतों और देनदारियों पर पड़ने वाला प्रभाव भी अगले कुछ क्वार्टरों में देखने वाली बात होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.