Aragen Life Sciences ने हैदराबाद में अपनी नई 'Aragen OneHP' फैसिलिटी का उद्घाटन किया है। **15,000 वर्ग फुट** में फैली यह यूनिट ऑन्कोलॉजी जैसी घातक बीमारियों की दवाओं के निर्माण पर केंद्रित है। कंपनी अपने **₹1,000 करोड़** के इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत अपनी क्षमता बढ़ा रही है।
नई फैसिलिटी का महत्व
हैदराबाद के नचाराम कैंपस में शुरू हुई इस नई 15,000 वर्ग फुट की फैसिलिटी का मुख्य लक्ष्य ऑन्कोलॉजी उपचार में इस्तेमाल होने वाले 'साइटोटॉक्सिक पे-लोड्स' (cytotoxic payloads) जैसे संवेदनशील कंपाउंड्स को तैयार करना है। इसकी सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 500 से 600 किलोग्राम है। कंपनी का उद्देश्य दवा की खोज से लेकर कमर्शियल लेवल तक के सफर को एक ही जगह पर पूरा करना है, जिससे ग्लोबल क्लाइंट्स को जटिल सर्विस प्रोवाइडर्स की जरूरत न पड़े।
फाइनेंशियल सेहत और IPO की राह
यह विस्तार मार्च 2026 तक पूरे किए गए ₹1,000 करोड़ के भारी-भरकम कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। अगस्त 2026 में फाइल किए गए DRHP के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹2,178 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड EBITDA ₹593 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹283 करोड़ दर्ज किया गया।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। Aragen का 90% से ज्यादा रेवेन्यू भारत से बाहर के देशों, मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप से आता है। ऐसे में ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी, करेंसी में उतार-चढ़ाव और नियामक बदलावों का सीधा असर बिजनेस पर पड़ सकता है। इसके अलावा, CDMO सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की सुरक्षा और टैलेंटेड वर्कफोर्स को बनाए रखने की कड़ी परीक्षा देनी होगी। अब नजरें इस बात पर हैं कि कंपनी यह नई क्षमता हासिल करने के बाद नए हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे जुटाती है।
