Apollo Hospitals ने अपने पुराने Teynampet कैंसर सेंटर को **300** बिस्तरों वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में बदल दिया है। अब यहां कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसी नई सुविधाएं भी मिलेंगी।
चेन्नई में नई शुरुआत
1993 से कैंसर केयर के लिए मशहूर चेन्नई का Teynampet सेंटर अब एक नए रूप में सामने आया है। Apollo Hospitals ने इसे केवल कैंसर उपचार तक सीमित न रखकर एक फुल-फ्लेज्ड मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बना दिया है। अब मरीजों को यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और आर्थोपेडिक्स जैसी सुविधाएं भी एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
आधुनिक सुविधाएं और लक्ष्य
इस 300-बेड वाली यूनिट में 51 बेड क्रिटिकल केयर के लिए रखे गए हैं और 5 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। अस्पताल ने नई टेक्नोलॉजी के तौर पर कैथ लैब (Cath Lab) और तमिलनाडु का पहला 'जूम एंडोस्कोपी सिस्टम' भी शामिल किया है। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक कुल 14,100 बेड की क्षमता हासिल करना है।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
कंपनी ने हाल ही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹7,043.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 20.6% अधिक है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹581 करोड़ दर्ज किया गया।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- मार्जिन पर दबाव: नई सुविधाओं के अपग्रेड और मेंटेनेंस का खर्च शॉर्ट-टर्म में मुनाफे पर असर डाल सकता है।
- कंपटीशन: हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, कंपनी को महंगी टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल कॉस्ट के बीच संतुलन बनाना होगा।
- सक्सेस पैरामीटर: आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नए विभागों में पेशेंट ऑक्यूपेंसी कितनी तेजी से बढ़ती है।
