साल-दर-साल मजबूती, पर पिछली तिमाही से नरमी?
जहां एक ओर Apollo Hospitals साल-दर-साल (Y-o-Y) मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाने की राह पर है, वहीं पिछली तिमाही (Q-o-Q) के मुकाबले ग्रोथ में कुछ नरमी के संकेत मिल रहे हैं। ICICI Securities के अनुमानों के अनुसार, इस तिमाही में नेट प्रॉफिट पिछले क्वार्टर की तुलना में लगभग 8.3% कम होकर ₹474 करोड़ पर आ सकता है। इसी तरह, नेट सेल्स में 1.4% की गिरावट और EBITDA में 5.1% की कमी आ सकती है। हालांकि, EBITDA में साल-दर-साल 19.1% की अच्छी ग्रोथ के साथ यह ₹916.5 करोड़ रहने का अनुमान है।
मार्केट में कैसा है Apollo Hospitals?
23 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Apollo Hospitals का शेयर लगभग ₹7,781.00 पर कारोबार कर रहा था, और कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) करीब ₹1.11 लाख करोड़ था।
सेक्टर में बढ़ते दबाव और साथियों की स्थिति
Apollo Hospitals के साल-दर-साल के आंकड़े भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर के पॉजिटिव ट्रेंड के अनुरूप हैं। लेकिन, तिमाही-दर-तिमाही (Q-o-Q) नरमी पर ध्यान देना जरूरी है। Fortis Healthcare (अनुमानित राजस्व ₹2,000–2,150 करोड़, PAT ₹160–200 करोड़), Max Healthcare Institute (राजस्व ₹2,300–2,500 करोड़, PAT ₹330–380 करोड़), और Narayana Hrudayalaya (राजस्व ₹1,550–1,650 करोड़, PAT ₹185–215 करोड़) जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी भी ग्रोथ दिखा रहे हैं। Apollo की Q-o-Q गिरावट कुछ साथियों की तुलना में थोड़ी अधिक है, जबकि उद्योग पर कच्चे माल की बढ़ती लागत और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं जैसे दबाव बढ़ रहे हैं। भू-राजनीतिक घटनाओं का असर भी दिख रहा है।
ARPOB ग्रोथ में नरमी और वैल्यूएशन पर सवाल
Apollo Hospitals के प्रति बेड औसत राजस्व (ARPOB) की ग्रोथ FY26 में घटकर 8-10% रहने का अनुमान है, जबकि FY23-24 में यह 15-18% थी। यह प्रीमियम पेशेंट मिक्स से ग्रोथ के कम होने का संकेत है। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 60x (या 60-72x) के आसपास है, जो वैश्विक स्तर पर हॉस्पिटल्स के लिए अधिक माना जाता है। यह वैल्यूएशन लगातार मजबूत ग्रोथ पर टिका है।
विश्लेषकों की राय और आगे क्या देखें
इन चिंताओं के बावजूद, विश्लेषकों का Apollo Hospitals पर भरोसा कायम है। कई विश्लेषकों ने 'Strong Buy' रेटिंग दी है और 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹8,700-₹8,800 के आसपास रखा है, जो 10-14% तक का संभावित अपसाइड दिखाता है। निवेशक मैनेजमेंट की अगली वित्तीय वर्ष के लिए गाइडेंस, बढ़ती लागतों के बीच मार्जिन बनाए रखने की रणनीति, और नई सुविधाओं के सफल इंटीग्रेशन पर करीब से नजर रखेंगे।
