Apollo Hospitals: शानदार नतीजे, मुनाफे में 35% का उछाल
Apollo Hospitals Enterprise Limited ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 17% बढ़कर ₹6,477 करोड़ रहा। वहीं, कंसोलिडेटेड EBITDA में 27% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹965 करोड़ तक पहुंच गया। इन सब का असर यह हुआ कि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 35% की भारी उछाल आई और यह ₹502 करोड़ दर्ज किया गया।
📉 नतीजों की गहराई
- तिमाही के मुख्य आंकड़े (Q3 FY26):
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹6,477 करोड़ (+17% YoY)
- कंसोलिडेटेड EBITDA: ₹965 करोड़ (+27% YoY)
- कंसोलिडेटेड PAT: ₹502 करोड़ (+35% YoY)
- नौ महीनों के आंकड़े (YTD Dec FY26):
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹18,623 करोड़ (+15% YoY)
- कंसोलिडेटेड EBITDA: ₹2,758 करोड़ (+22% YoY)
- कंसोलिडेटेड PAT: ₹1,412 करोड़ (+34% YoY)
💪 हर सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ
कंपनी के सभी प्रमुख बिज़नेस वर्टिकल्स ने दमदार डबल-डिजिट ग्रोथ दिखाई है। हेल्थकेयर सर्विसेज़ रेवेन्यू में 14% का इजाफा हुआ। वहीं, Apollo Health and Lifestyle Limited (AHLL) और Apollo HealthCo (डिजिटल हेल्थ और फार्मेसी) दोनों ने Q3 FY26 में 20% YoY रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की।
⚖️ खास एडजस्टमेंट
इस तिमाही में कुछ खास एडजस्टमेंट्स भी हुए। नए लेबर कोड लागू होने के कारण ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी में एडजस्टमेंट से कंसोलिडेटेड लेवल पर ₹19.2 करोड़ का एक एक्सेप्शनल आइटम दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन लेवल पर यह आंकड़ा ₹11.4 करोड़ रहा।
🎁 शेयरधारकों के लिए डिविडेंड
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने FY2025-2026 के लिए ₹10 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह फेस वैल्यू का 200% है, जो कंपनी की लगातार प्रॉफिटेबिलिटी का संकेत देता है।
🚀 बड़े स्ट्रेटेजिक कदम: डी मर्जर का ऐलान
सबसे बड़ा ऐलान कंपनी के कॉम्पीटिटिव स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी देना है, जिसके तहत ओमनी-चैनल फार्मेसी डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म बिज़नेस को एक नई एंटिटी में डीमर्ज किया जाएगा। इस स्ट्रेटेजिक मूव का मकसद इन हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स की इंट्रिंसिक वैल्यू को अनलॉक करना, ऑपरेशनल फोकस बढ़ाना और लक्षित निवेश आकर्षित करना है।
यह डी मर्जर कोर हॉस्पिटल बिज़नेस को अलग से फोकस करने में मदद करेगा, जबकि डिजिटल और फार्मेसी सेगमेंट्स को अपनी ग्रोथ जर्नी स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे कैपिटल एलोकेशन एफिशिएंसी और स्ट्रैटेजिक एजिलिटी में सुधार होगा।
🏥 ऑपरेशनल अपडेट
कंपनी अपने फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश जारी रखे हुए है। पुणे में 250-बेड वाले एक नए क्वार्टरनरी केयर हॉस्पिटल का लॉन्च किया गया है। फार्मेसी नेटवर्क बढ़कर 7,113 स्टोर्स तक पहुंच गया है, जिसमें इस तिमाही में 185 नए आउटलेट जोड़े गए हैं। यह रिटेल और डिजिटल फुटप्रिंट में आक्रामक ग्रोथ को दर्शाता है।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। डी मर्जर के बाद इंटीग्रेशन की चुनौतियां और तेजी से कैपेसिटी एक्सपेंशन व नेटवर्क ग्रोथ के एग्जीक्यूशन में जोखिम हो सकते हैं। डिजिटल हेल्थ और फार्मेसी स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी बारीकी से नजर रखनी होगी।
मैनेजमेंट अपने इंटीग्रेटेड केयर मॉडल और क्लिनिकल कैपेबिलिटीज में निवेश को लेकर आशावादी है। मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को एक महत्वपूर्ण लॉन्ग-टर्म अवसर के रूप में देखा जा रहा है। निवेशक डी मर्जर के सफल एग्जीक्यूशन और सभी बिज़नेस वर्टिकल्स, खासकर डिजिटल-लेड फार्मेसी सेगमेंट में ग्रोथ मोमेंटम को बनाए रखने पर नजर रखेंगे।
