Apollo Hospitals के नतीजे उम्मीदों से बेहतर रहे हैं। कंपनी ने Q2 में **₹630 करोड़** का प्रॉफिट दर्ज किया है, वहीं अगले पांच सालों में **5,800** नए बेड जोड़ने का महत्वाकांक्षी प्लान भी पेश किया है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Apollo Hospitals ने शानदार रफ्तार दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹630 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू 23% की बढ़त के साथ ₹7,615 करोड़ दर्ज किया गया। इन नतीजों के बाद निवेशकों के भरोसे के चलते शेयर 1.89% की बढ़त के साथ ₹8,599.50 पर बंद हुआ।\n\n### विस्तार की नई रणनीति\nकंपनी अगले 5 सालों में 5,800 बेड जोड़ने की तैयारी कर रही है। इस योजना का मुख्य केंद्र गुरुग्राम का 470 बेड वाला अस्पताल है, जो वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही में चालू हो जाएगा। परिचालन स्तर पर भी सुधार दिख रहा है, जहाँ हॉस्पिटल ऑक्यूपेंसी 69% से बढ़कर 73% हो गई है।\n\n### मैनेजमेंट में बदलाव और पोर्टफोलियो\nबड़ी विस्तार योजनाओं के बीच कंपनी में अहम नेतृत्व परिवर्तन भी हो रहे हैं। हॉस्पिटल्स डिवीजन के प्रेसिडेंट और सीईओ डॉ. मधु शशिधर 14 नवंबर, 2026 को अपना पद छोड़ देंगे। इसके अलावा, कंपनी ने अपना फोकस कोर बिजनेस पर रखने के लिए Apollo Specialty Hospitals और Apollo Fertility Centre में अपनी हिस्सेदारी Kids Clinic India Limited (Cloudnine) को बेच दी है।\n\n### निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता\nतेजी से अस्पताल विस्तार के दौरान 'जेस्टेशनल लॉसेस' (नए प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत) एक चुनौती हो सकते हैं, जिससे शॉर्ट टर्म में मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। निवेशकों को कंपनी की इस स्केल-अप प्रक्रिया और रेगुलेटरी बदलावों पर नजर बनाए रखनी होगी ताकि ऑपरेटिंग कॉस्ट रेवेन्यू से आगे न निकल जाए।
