Apollo Hospitals ने Max Healthcare को छोड़ा पीछे, Q1 में दमदार ग्रोथ

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AuthorNeha Patil|Published at:
Apollo Hospitals ने Max Healthcare को छोड़ा पीछे, Q1 में दमदार ग्रोथ

Q1 FY27 के नतीजों में Apollo Hospitals ने Max Healthcare को पीछे छोड़ दिया है। Apollo ने जहां **21%** का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया, वहीं Max Healthcare को अपनी आक्रामक विस्तार योजनाओं के चलते मार्जिन पर दबाव झेलना पड़ रहा है। Apollo जहां अपने फार्मेसी बिजनेस के डी-मर्जर पर फोकस कर रही है, वहीं Max Healthcare पर बढ़ता कर्ज और क्षमता एकीकरण का बोझ है। पिछले एक साल में Apollo के शेयर **10%** बढ़े हैं, जबकि Max Healthcare के शेयर **17.5%** गिरे हैं।

Apollo Hospitals की दमदार परफॉरमेंस

Q1 FY27 (जून तिमाही) के नतीजों के अनुसार, Apollo Hospitals ने पिछले साल की तुलना में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 21% की शानदार ग्रोथ हासिल की है। यह Max Healthcare की लगभग 15.3% से 16% की रेवेन्यू ग्रोथ से कहीं बेहतर है। Apollo की इस ग्रोथ का मुख्य कारण 11% ज्यादा पेशेंट वॉल्यूम और एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) में 8% की बढ़ोतरी रही। बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के चलते कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 15.5% रहा, जो पिछले साल से 92 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर यह है कि कंपनी अपने फार्मेसी और डिजिटल हेल्थ बिजनेस, Apollo HealthCo, को डी-मर्ज करने की तैयारी में है। उम्मीद है कि यह डी-मर्जर इस फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही तक पूरा हो जाएगा और शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करेगा।

Max Healthcare पर विस्तार का बोझ

दूसरी ओर, Max Healthcare फिलहाल भारी कैपिटल स्पेंडिंग के दौर से गुजर रही है। कंपनी अगले दो सालों में करीब 2,800 बेड जोड़ने की योजना बना रही है, जिसमें ₹6,100 करोड़ का भारी निवेश होगा। इस आक्रामक विस्तार की वजह से कंपनी के फाइनेंशियल पर दबाव बढ़ा है। Max Healthcare का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर करीब 24.6% रह गया है, क्योंकि कंपनी नए बेड की लागत और इंटीग्रेशन खर्चों को मैनेज कर रही है। इसके अलावा, 30 जून, 2026 तक कंपनी का नेट डेट बढ़कर ₹2,384 करोड़ हो गया है।

बाजार की अलग-अलग प्रतिक्रिया

इन अलग-अलग रणनीतियों का असर पिछले एक साल में बाजार में भी दिखा है। Apollo Hospitals के शेयरों में करीब 10% की तेजी आई है, जबकि Max Healthcare के शेयरों में लगभग 17.5% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दोनों कंपनियां ग्रोथ कर रही हैं, लेकिन वे अपने बिजनेस साइकिल के अलग-अलग पड़ाव पर हैं। Apollo को अपने स्थापित हॉस्पिटल्स का फायदा मिल रहा है, जबकि Max Healthcare अपने बड़े विस्तार प्रोजेक्ट्स के शुरुआती कैश फ्लो और मार्जिन इंपैक्ट से जूझ रही है।

आगे क्या?

निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि दोनों कंपनियों पर सेक्टर-व्यापी जोखिम भी हैं, जैसे कि प्राइवेट हॉस्पिटल सेवाओं पर प्राइस कैप जैसे रेगुलेटरी बदलाव। Max Healthcare के लिए सबसे बड़ा जोखिम एग्जीक्यूशन का है - बढ़ते कर्ज को मैनेज करना और यह सुनिश्चित करना कि नए बेड योजना के अनुसार मुनाफा दिलाएं। Apollo के लिए चुनौती यह है कि उसके नए हॉस्पिटल्स फाइनेंशियल ईयर 2028 तक ब्रेक-ईवन पर पहुंच जाएं। आने वाली तिमाहियों में Apollo के डी-मर्जर की प्रगति और Max Healthcare के कर्ज-से-मुनाफे के ट्रेंड पर नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.