WHO की मोहर: क्वालिटी का ग्लोबल सर्टिफिकेशन
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने Anuh Pharma के 'Amodiaquine Hydrochloride USP' को प्री-क्वालिफाई किया है। WHO Prequalification of Medicines Programme से मिली इस मंजूरी का मतलब है कि इस एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (API) को इंटरनेशनल मार्केट में इस्तेमाल किया जा सकेगा, खासकर WHO द्वारा खरीदी जाने वाली और डोनेशन पर चलने वाली ग्लोबल हेल्थ स्कीम्स में, जिनका मकसद मलेरिया को खत्म करना है। यह प्रोडक्ट यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया (USP) के कड़े स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरा है, जिससे Anuh Pharma की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी ग्लोबल क्वालिटी बेंचमार्क के बराबर साबित हुई है।
मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका
Amodiaquine Hydrochloride एक ज़रूरी दवा है, जो मलेरिया के कॉम्बिनेशन थेरेपी में काम आती है। WHO की प्री-क्वालिफिकेशन Anuh Pharma को ऐसे प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम्स के लिए एक योग्य सप्लायर बनाती है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली इस बीमारी से लड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। यह खास तौर पर सब-सहारन अफ्रीका और ट्रॉपिकल इलाकों में ज़्यादा असरदार है। इस रेगुलेटरी सफलता से कंपनी की इस गंभीर बीमारी से लड़ने की क्षमता और मजबूत हुई है।
Anuh Pharma: एक अनुभवी निर्माता
Anuh Pharma Limited, जो SK ग्रुप का हिस्सा है, भारत के फार्मा सेक्टर में 60 साल का लंबा इतिहास रखने वाली एक बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरर कंपनी है। यह कंपनी मैक्रोलाइड्स और एंटी-टीबी दवाओं की एक बड़ी उत्पादक है, साथ ही एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-मलेरियल सेगमेंट में भी इसकी मजबूत पकड़ है। ज़रूरी दवाओं के API पर इसका फोकस ग्लोबल पब्लिक हेल्थ प्रोक्योरमेंट एंटिटीज के साथ मजबूत रिश्ते बनाने में मददगार रहा है।
अप्रूवल पर स्टॉक का रिएक्शन
WHO की इस अहम मंजूरी के बाद Anuh Pharma के शेयरों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 6.6% का उछाल आया। शेयर इंट्राडे में ₹85 के हाई तक पहुंचा। दोपहर तक, स्टॉक 6.15% बढ़कर ₹84.6 पर ट्रेड कर रहा था। यह परफॉर्मेंस ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले काफी शानदार रही, जहाँ BSE Sensex 0.74% गिरकर 76,700.92 पर था। इस तेजी से निवेशकों का कॉन्फिडेंस साफ झलकता है।
