Andhra Pradesh MedTech Zone (AMTZ) ने 'BRICS BioDesign Centre' का शुभारंभ किया है। इस पहल का मकसद भारत, दक्षिण अफ्रीका, रूस और ब्राजील के साथ मिलकर किफायती मेडिकल टेक्नोलॉजी के विकास को रफ्तार देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का संगम
नई दिल्ली में 11 सितंबर, 2026 को शुरू हुए इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को एक ऐसा इकोसिस्टम देना है जहाँ वे किफायती मेडिकल डिवाइसेस की डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग पर मिलकर काम कर सकें। यह केंद्र शैक्षणिक रिसर्च और बाजार की जरूरतों के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा, ताकि विकासशील देशों को महंगे आयातित उपकरणों पर निर्भर न रहना पड़े।
ग्लोबल कोलैबोरेशन और चुनौतियां
यह सेंटर University of Cape Town, रूस की Sechenov University और Brazilian Society of Biomedical Engineering जैसे संस्थानों के साथ मिलकर एक 'कोलैबोरेटिव सैंडबॉक्स' की तरह काम करेगा। इसका लक्ष्य मेडिकल उपकरणों की लागत कम करना है। ध्यान रहे कि AMTZ विशाखापत्तनम स्थित एक सरकारी मेडिकल टेक्नोलॉजी पार्क है, न कि कोई पब्लिक लिस्टेड कंपनी। इस प्रोजेक्ट को Office of the Principal Scientific Adviser और FICCI का समर्थन प्राप्त है।
आगे की राह
हालांकि यह पहल मेड-इन-इंडिया मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट दे सकती है, लेकिन इसके सामने प्रशासनिक प्रक्रियाएं, बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) का प्रबंधन और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता जैसी चुनौतियां बरकरार हैं। निवेशकों और जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि यह केंद्र कितनी तेजी से प्रोटोटाइप्स को कमर्शियल प्रोडक्ट्स में तब्दील कर पाता है और घरेलू हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग की तस्वीर कैसे बदलता है।
