मेंटल हेल्थ स्टार्टअप Amaha ने लाइटबॉक्स वेंचर्स और फायरसाइड वेंचर्स के नेतृत्व में **₹100 करोड़** की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश में **₹10 करोड़** का डेट भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपने हाइब्रिड केयर मॉडल को पूरे भारत में फैलाने के लिए करेगी।
मेंटल हेल्थ केयर प्रोवाइडर Amaha ने अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए ₹100 करोड़ का फंड जुटा लिया है। इस राउंड का नेतृत्व मौजूदा निवेशकों लाइटबॉक्स वेंचर्स (Lightbox Ventures) और फायरसाइड वेंचर्स (Fireside Ventures) ने किया, जिसमें लंदन की सैंडबॉक्स इंटरनेशनल होल्डिंग्स (Sandbox International Holdings) भी शामिल रही। इसके अलावा, नितिन कामथ की रेनमैटर (Rainmatter) और श्रेयस शिबुलल, आशीष भरत राम व आदर्श जालान से जुड़े फैमिली ऑफिस ने भी निवेश किया है। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल के लिए अल्टेरिया कैपिटल (Alteria Capital) से ₹10 करोड़ का डेट भी लिया है।
फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार
Amaha इस राशि का उपयोग अपने फिजिकल क्लिनिक नेटवर्क को बढ़ाने में करेगी। स्टार्टअप का हाइब्रिड मॉडल वर्तमान में बेंगलुरु, दिल्ली-NCR और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 9 फैसिलिटीज संचालित करता है। डॉ. अमित मलिक द्वारा 2016 में स्थापित यह कंपनी अब आउटपेशेंट और इनपेशेंट सेवाओं के साथ-साथ अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी अपग्रेड करने की तैयारी में है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
भारत में मेंटल हेल्थ की मांग बढ़ रही है, लेकिन इस सेक्टर में चुनौतियां भी कम नहीं हैं। हाइब्रिड मॉडल को मैनेज करना काफी महंगा होता है, क्योंकि इसमें क्लिनिकल प्रोफेशनल्स को हायर करने और रियल एस्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करना पड़ता है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने खर्चों को मैनेज करते हुए सर्विस की क्वालिटी कैसे बरकरार रखती है।
ग्रोथ की राह
आने वाले समय में कंपनी के विस्तार की गति और क्लिनिक में मरीजों के फुटफॉल (Utilization rates) से यह पता चलेगा कि हाइब्रिड मॉडल कितना सफल हो रहा है। अलग-अलग शहरों में क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखना कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
