जयपुर की हेल्थटेक कंपनी Aignosis ने **₹4 करोड़** की सीड फंडिंग जुटाई है। Antler और Nikhil Kamath के नेतृत्व में हुई इस फंडिंग से कंपनी अपनी AI-आधारित ऑटिज्म स्क्रीनिंग तकनीक को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की तैयारी में है।
फंडिंग और लक्ष्य
जयपुर आधारित स्टार्टअप Aignosis ने अपने विस्तार के लिए ₹4 करोड़ का सीड फंड जुटा लिया है। इस राउंड में Antler और Nikhil Kamath मुख्य निवेशक रहे, जबकि Varun Dua और IIMA Ventures ने भी इसमें हिस्सा लिया। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के अंत तक कुल 1,00,000 बच्चों की स्क्रीनिंग पूरा करना है।
तकनीक और रेगुलेटरी मंजूरी
कंपनी ने 16 महीने से 9 साल तक के बच्चों में ऑटिज्म और डेवलपमेंटल देरी की जांच के लिए एक खास AI टूल तैयार किया है। यह टूल लैपटॉप और वेबकैम के जरिए बच्चों की आंखों की हलचल और चेहरे के रिएक्शन को ट्रैक करता है। बड़ी बात यह है कि इसे CDSCO (Central Drugs Standard Control Organisation) से Class B सर्टिफिकेशन मिल चुका है, जो इसकी विश्वसनीयता को बढ़ाता है। हालांकि, यह सॉफ्टवेयर केवल 'रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट' देता है, न कि कोई फाइनल मेडिकल डायग्नोसिस।
बिजनेस मॉडल और पार्टनरशिप
Aignosis का बिजनेस मॉडल 'क्लिनिक-इन-क्लिनिक' है, जिसके तहत कंपनी अलग सेंटर खोलने के बजाय मौजूदा पीडियाट्रिक क्लीनिक और सरकारी हेल्थ सेंटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। तेजी से विस्तार के लिए कंपनी ने Mankind Pharma के साथ हाथ मिलाया है, जो अपने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव नेटवर्क के जरिए स्क्रीनिंग कैंप आयोजित कर रहे हैं। वहीं, Apollo SHINE Foundation के साथ मिलकर कंपनी 125 स्कूलों में अपनी तकनीक पहुंचा रही है। अब तक कंपनी 8,000 से ज्यादा स्क्रीनिंग कर चुकी है और अब नेशनल कैपिटल रीजन (NCR), पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
