प्रमोटर पांडे की कर्ज़ लेकर हिस्सेदारी वापसी
एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS) के फाउंडर नरेंद्र पांडे अब अपनी हॉस्पिटल चेन का पूरा कंट्रोल वापस अपने हाथ में लेने की तैयारी में हैं। इसके लिए 360 ONE Asset से लगभग ₹600 करोड़ का डेट फाइनेंसिंग (Loan) मिल रहा है। इस पैसे से पांडे प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स British International Investment (BII) और OrbiMed की 49% हिस्सेदारी खरीदेंगे। इस सौदे में AIMS की पैरेंट कंपनी Blue Sapphire Healthcare का वैल्यूएशन करीब ₹1,200 करोड़ लगाया गया है।
डील का खाका: वैल्यूएशन, निवेशकों का एग्जिट और फंडिंग
450-bed वाले AIMS हॉस्पिटल के लिए ₹1,200 करोड़ का वैल्यूएशन प्रति बेड लगभग ₹26.7 लाख पड़ता है। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर में जबरदस्त डील एक्टिविटी देखने को मिल रही है, जहाँ वैल्यूएशन अक्सर कमाई के 25-30 गुना तक होता है। हालांकि, इस डील में AIMS की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और ₹600 करोड़ के भारी कर्ज को चुकाने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी पता चला है कि BII और OrbiMed पहले भी अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते थे, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर बात नहीं बन पा रही थी।
भारी कर्ज का जोखिम और वैल्यूएशन की चिंता
यह बायबैक (Buyback) डील भारी कर्ज के साथ आ रही है। AIMS ने फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के लिए ₹490 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) रिपोर्ट किया है। अब कंपनी को ₹600 करोड़ के लोन का भुगतान करना होगा। आमतौर पर हेल्थकेयर कंपनियों में EBITDA मार्जिन 23-25% होता है, जिसका मतलब है कि कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जा सकता है। इससे भविष्य में ग्रोथ या एक्सपेंशन के लिए कम पैसा बचेगा। अगर कंपनी अपने रेवेन्यू या प्रॉफिट के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाती है, तो यह कर्ज का बोझ भारी पड़ सकता है।
व्यापक ट्रेंड और भविष्य की चुनौतियां
यह डील भारत में एक बढ़ते चलन को दिखाती है, जहाँ प्रमोटर्स प्राइवेट क्रेडिट का इस्तेमाल करके अपने बिज़नेस पर मालिकाना हक मजबूत कर रहे हैं। भारत का हेल्थकेयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसमें निवेश भी खूब आ रहा है, Q2 FY26 में ₹10,000 करोड़ से अधिक के सौदे हुए और सालाना 11-12% ग्रोथ का अनुमान है। AIMS के लिए, मालिकी मजबूत होने के साथ-साथ कर्ज का प्रबंधन और ग्रोथ बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट (Structured Credit) स्ट्रैटेजी की सफलता AIMS के परफॉर्मेंस और इकोनॉमिक कंडीशन पर निर्भर करेगी।
