AIIMS Jodhpur में एक **31 वर्षीय** डॉक्टर की मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए हैं। फिलहाल इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं, लेकिन रूटीन OPD सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
हड़ताल की मुख्य वजह
AIIMS Jodhpur में उस समय तनाव फैल गया जब एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के एक 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव ड्यूटी के दौरान मिला। इस घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे ओपीडी (OPD) सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है।
इमरजेंसी सेवाएं जारी
हड़ताल के बावजूद, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सेवाओं को चालू रखा है। हालांकि, रूटीन इलेक्टिव प्रोसीजर और सामान्य परामर्श पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगें
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगों के तहत मृतक के परिवार के लिए ₹5 करोड़ के मुआवजे की मांग रखी है। इसके अलावा, वे कार्यस्थल पर भारी दबाव, काम के लंबे घंटों और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर संस्थान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
फॉरेंसिक जांच जारी
स्थानीय प्रशासन ने मामले की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता घटनास्थल से मिले सबूतों और मृतक के मोबाइल फोन का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका है, जिससे गतिरोध अभी भी बरकरार है।
