दिल्ली के एम्स (AIIMS) ने दो मेडिकल सप्लायर कंपनियों, Tirupati Medilines Pvt Ltd और Taarini Medicare Inc पर अगले 2 साल के लिए बैन लगा दिया है। यह एक्शन बार-बार घटिया क्वालिटी के मेडिकल उपकरण सप्लाई करने के चलते लिया गया है।
क्यों लगाया गया बैन?
एम्स (AIIMS) दिल्ली ने Tirupati Medilines Pvt Ltd और Taarini Medicare Inc को दो साल के लिए सभी तरह की सप्लाई टेंडरों से बाहर कर दिया है। इसके पीछे वजह है इन कंपनियों द्वारा लगातार खराब क्वालिटी के मेडिकल उपकरण सप्लाई करना।
क्या थीं दिक्कतें?
शिकायतों के मुताबिक, इन सप्लायर्स ने सिरिंज में कीड़े, टूटी हुई सुईयां, ब्लड लगे नीडल हब और फंगस लगी हुई सप्लाई भेजी थीं। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले Yankauer suction sets भी प्रेशर पड़ते ही कोलैप्स हो रहे थे। हालांकि, इन घटनाओं से किसी मरीज को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस तरह की बार-बार की गड़बड़ी के कारण एम्स ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
कौन है जिम्मेदार?
जब इस मामले की जांच हुई, तो Tirupati Medilines ने कहा कि वे सिर्फ डिस्ट्रीब्यूटर हैं और मैन्युफैक्चरिंग में दिक्कत उनके पार्टनर Cardiomac India Pvt Ltd की थी। लेकिन एम्स के अफसरों ने साफ कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से सप्लायर ही क्वालिटी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा। बता दें कि ये दोनों कंपनियां प्राइवेट लिमिटेड हैं और स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं हैं, इसलिए इस फैसले का शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
एम्स की सख्त निगरानी
यह बैन एम्स द्वारा अपनी प्रोक्योरमेंट (खरीद) प्रक्रिया को और सख्त बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। इसी साल एम्स ने Noble Pharmacare Ltd और Veekay Surgicals जैसे अन्य सप्लायरों पर भी कार्रवाई की थी। एम्स अब मेडिकल सप्लाई की क्वालिटी पर खास ध्यान दे रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सप्लायर जरूरी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का पालन करें।
