AIIMS ने दवा निर्माता कंपनी Pentagon Labs Ltd को बड़ा झटका देते हुए अगले **2 साल** के लिए प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है। कंपनी के IV फ्लूइड्स में बार-बार गंदगी मिलने के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है, जिससे सितंबर **2027** तक कंपनी किसी भी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा नहीं बन पाएगी।
सुरक्षा से समझौता नहीं
AIIMS दिल्ली ने अपना फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि 26 सितंबर 2027 तक Pentagon Labs अब अस्पताल को कोई भी मेडिकल सप्लाई नहीं करेगा। यह विवाद काफी पुराना है, क्योंकि अस्पताल प्रशासन को बार-बार कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए IV फ्लूइड्स में बाहरी कण और फंगल ग्रोथ देखने को मिल रही थी। अस्पताल के अनुसार, रेंजर लैक्टेट और मैनिटोल जैसे जरूरी सॉल्यूशंस में खामियां पाई गईं।
सफाई और दावे का खंडन
अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान, कंपनी के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया था कि यह समस्या लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान आई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बोतलों पर निर्देश लिखे होते हैं कि इस्तेमाल से पहले डॉक्टर जांच कर लें। हालांकि, AIIMS प्रशासन ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया। अस्पताल का मानना है कि मैन्युफैक्चरर की जिम्मेदारी है कि पूरी सप्लाई चेन के दौरान प्रोडक्ट सुरक्षित और स्टेरिल रहे।
कानूनी दांव-पेच और भविष्य की चुनौतियां
यह बैन ऐसे समय आया है जब कंपनी पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में अपने पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही थी। कोर्ट ने AIIMS को कंपनी की स्थिति की फिर से समीक्षा करने का निर्देश दिया था, लेकिन जांच के दौरान दोबारा गंदगी मिलने के बाद अस्पताल ने दो साल का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया।
सरकारी अस्पतालों के साथ कॉन्ट्रैक्ट न केवल रेवेन्यू के लिए अहम होते हैं, बल्कि कंपनी की बाजार में साख के लिए भी जरूरी हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और क्वालिटी कंट्रोल को बेहतर कर पाती है, या अन्य सरकारी विभाग भी इस रिकॉर्ड के चलते उन पर कड़ी नजर रखेंगे।
