Pharma Stocks: AI टूल्स का कमाल! ड्रग ट्रायल फेल होने की सटीक भविष्यवाणी से हिल रहा बाजार

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Pharma Stocks: AI टूल्स का कमाल! ड्रग ट्रायल फेल होने की सटीक भविष्यवाणी से हिल रहा बाजार

फार्मा कंपनियां अब क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों को पहले ही भांपने के लिए AI का सहारा ले रही हैं। यह तकनीक सालाना **$140 बिलियन** के जोखिम भरे रिसर्च खर्च को कम करने की कोशिश कर रही है, जिसने Novartis जैसे दिग्गजों के शेयर पर भी बड़ा असर डाला है।

ग्लोबल फार्मा इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। हर साल ट्रायल पर होने वाले $140 बिलियन के खर्च को बचाने के लिए स्टार्टअप्स वर्चुअल सिमुलेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ड्रग कैंडिडेट्स का रेगुलेटरी अप्रूवल रेट महज 12% ही होता है, जिसे बेहतर बनाने के लिए Copenhagen स्थित BioinvestGPT और Tel Aviv की QuantHealth जैसी कंपनियां DNA और क्लिनिकल डेटा का इस्तेमाल कर रही हैं।

बाजार पर असर

यह तकनीक अब हाई-स्टेक ड्रग डेवलपमेंट को प्रभावित कर रही है। साल 2026 में, BioinvestGPT के मॉडल ने Novartis की मस्कुलर डिस्ट्रॉफी ड्रग 'del-desiran' के फेल होने का सही अनुमान लगाया था। जब सितंबर 2026 में ड्रग ट्रायल फेल हुआ, तो Novartis के शेयर 11% तक गिर गए और कंपनी की $30 बिलियन की मार्केट वैल्यू साफ हो गई।

AI की सीमाएं और कंपनियों का रुख

ये मॉडल पूरी तरह अचूक नहीं हैं। ऐतिहासिक डेटा पर निर्भर होने के कारण, ये नई तरह की ड्रग क्लास के मामलों में गलत अनुमान लगा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, इसी मॉडल ने Novartis की कोलेस्ट्रॉल ड्रग 'pelacarsen' के लिए पॉजिटिव प्रेडिक्शन दिया था, जो बाद में ट्रायल में फेल हो गई।

यही कारण है कि Takeda और Biogen जैसी दिग्गज कंपनियां अभी भी AI को लेकर सतर्क हैं। उनका मानना है कि यह तकनीक अभी इंसानी रिसर्च की जगह लेने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, अमेरिकी स्वास्थ्य रेगुलेटर्स अब इसे लेकर एक औपचारिक फ्रेमवर्क बनाने पर विचार कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि ये सिमुलेशन आगे चलकर कितने सटीक साबित होते हैं, क्योंकि इनका असर भविष्य में कंपनियों के R&D खर्च और रिस्क मैनेजमेंट पर पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.