4baseCare: ₹90 Cr की भारी फंडिंग! AI से कैंसर के ग्लोबल डेटा गैप को भरेगी ये भारतीय कंपनी

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Author Karan Malhotra | Published at:
4baseCare: ₹90 Cr की भारी फंडिंग! AI से कैंसर के ग्लोबल डेटा गैप को भरेगी ये भारतीय कंपनी
Overview

Precision oncology स्टार्टअप 4baseCare ने सीरीज B फंडिंग में **₹90 करोड़** जुटाए हैं, जिसका नेतृत्व Ashish Kacholia और Lashit Sanghvi ने किया है। इस रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने AI-संचालित Oncotwin प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और अपने हॉस्पिटल-लिंक्ड लैब नेटवर्क का विस्तार करने में करेगी, ताकि कैंसर रिसर्च में मौजूद बड़े ग्लोबल डेटा गैप को पाटा जा सके।

दुनिया भर में कैंसर रिसर्च में एक बड़ी समस्या है डेटा की विविधता (data diversity) का अभाव। 4baseCare के CEO, Hitesh Goswami बताते हैं कि जहाँ दुनिया भर में 70% कैंसर के मरीज गैर-काकेशियन (non-Caucasian) आबादी से आते हैं, वहीं जीनोमिक रिसर्च डेटा में इनका योगदान सिर्फ 5% से भी कम है। इस कमी के चलते उन खास आबादी के लिए इलाज की प्रभावशीलता (treatment efficacy) सीमित हो जाती है।

इसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए 4baseCare का AI-संचालित 'Oncotwin' प्लेटफॉर्म गेम-चेंजर साबित हो रहा है। यह पहला अपनी तरह का ऑन्कोलॉजी डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म है, जो क्लिनिकल जीनोमिक्स और AI का इस्तेमाल करके मरीज-विशिष्ट परिणामों (patient-specific outcomes) का अनुकरण (simulate) करता है। इसकी क्षमता को देखते हुए, न्यूयॉर्क के Memorial Sloan Kettering Cancer Center (MSKCC) ने अपने डेटासेट पर इसके परीक्षण के लिए चुना है, जो AI इन ऑन्कोलॉजी (AI in oncology) में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

इस फंडिंग से कंपनी अपने AI स्टैक और क्लिनिकल जीनोमिक्स डेटा क्षमताओं को और मजबूत करेगी। 4baseCare अगले 12 से 18 महीनों में 25 नई लैब पार्टनरशिप स्थापित करने की योजना बना रही है। इनमें से करीब 70% भारत में और बाकी 30% अंतरराष्ट्रीय बाजारों में होंगी। कंपनी का फोकस मध्य पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और मध्य एशिया जैसे क्षेत्रों पर है, जहाँ प्रीसिजन ऑन्कोलॉजी (precision oncology) इंफ्रास्ट्रक्चर की पहुँच अभी कम है। यह कंपनी का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है, जिसका लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि अलग-अलग आबादी के बीच कैंसर को समझने और इलाज के तरीके को बदलना है।

वर्तमान में, 4baseCare अपनी लगभग 80% रेवेन्यू (revenue) जीनोमिक टेस्टिंग से कमाता है। लेकिन, कंपनी को उम्मीद है कि Oncotwin प्लेटफॉर्म के परिपक्व होने पर यह अनुपात 60-40 के स्प्लिट में बदल जाएगा, और अंततः टेस्टिंग और AI प्लेटफॉर्म के मोनेटाइजेशन (monetization) में 50-50 का लक्ष्य रखा गया है। चालू फाइनेंशियल ईयर (current fiscal year) में कंपनी ₹35 करोड़ से अधिक रेवेन्यू पार करने की उम्मीद कर रही है। सीरीज B फंडिंग के साथ, 4baseCare अगले 12 से 18 महीनों में ₹100 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य लेकर चल रहा है, और पांच साल में ₹800-1,000 करोड़ तक पहुँचने की महत्वाकांक्षी योजना है। इस फंडिंग राउंड का वैल्यूएशन (valuation) अनुमानित $150-200 मिलियन USD के बीच हो सकता है।

प्रीसिजन ऑन्कोलॉजी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें AI की भूमिका डायग्नोस्टिक्स (diagnostics) और ड्रग डिस्कवरी (drug discovery) में बढ़ रही है। 4baseCare का डेटा विविधता गैप को संबोधित करने का फोकस इसे बाकियों से अलग करता है और इसे ग्लोबल प्रीसिजन ऑन्कोलॉजी में एक अहम खिलाड़ी बनने की राह पर ले जाता है।

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