Western Ghats ESA प्रोजेक्ट: 6 राज्यों के विरोध से अटका फैसला, माइनिंग और इंफ्रा कंपनियों के लिए बढ़ा जोखिम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Western Ghats ESA प्रोजेक्ट: 6 राज्यों के विरोध से अटका फैसला, माइनिंग और इंफ्रा कंपनियों के लिए बढ़ा जोखिम

वेस्टर्न घाट (Western Ghats) को 'इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया' (ESA) घोषित करने का सातवां प्रयास फिर से विवादों में है। **56,825 वर्ग किमी** के क्षेत्र को लेकर केंद्र और 6 राज्यों के बीच छिड़ी जंग से माइनिंग, क्वारी और कंस्ट्रक्शन कंपनियों की राह मुश्किल हो गई है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 27 जुलाई, 2026 को अपना सातवां ड्राफ्ट जारी किया था, जिसका लक्ष्य 56,825.7 वर्ग किलोमीटर के वेस्टर्न घाट क्षेत्र को ESA के दायरे में लाना है। हालांकि, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे 6 प्रमुख राज्यों ने इस प्रस्ताव को चुनौती दी है, जिससे प्रोजेक्ट्स के लिए रेगुलेटरी अनिश्चितता बढ़ गई है।

औद्योगिक कामकाज पर असर

केंद्र सरकार के इस ड्राफ्ट के तहत माइनिंग, क्वारी और थर्मल पावर प्लांट्स पर कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना है। इसके अलावा, 20,000 वर्ग मीटर से बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए भी सख्त नियम होंगे। पॉलिसी स्पष्ट न होने के कारण कंपनियों के लिए कैपिटल स्पेंडिंग की प्लानिंग करना मुश्किल हो गया है, जिससे कई विस्तार योजनाएं ठंडे बस्ते में जा सकती हैं।

मैपिंग विवाद का पेच

विवाद की सबसे बड़ी वजह सैटेलाइट मैपिंग है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक विधानसभा ने 22 सितंबर, 2026 को एकमत से इस ड्राफ्ट को खारिज कर दिया। राज्य सरकारों का कहना है कि सैटेलाइट डेटा में संरक्षित वन क्षेत्र और निजी कृषि भूमि के बीच सही फर्क नहीं दिखाया गया है। वे मांग कर रहे हैं कि जमीन पर फिजिकल सर्वे हो ताकि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

2027 तक का रास्ता

विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल जुलाई 2027 तक बढ़ा दिया गया है, जिसका मतलब है कि वेस्टर्न घाट की स्थिति फिलहाल नीतिगत अधर में है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों को देरी और अनुपालन (Compliance) लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे राज्य-स्तरीय विधायी अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि यही भविष्य में इन संपत्तियों की ऑपरेशनल वायबिलिटी तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.