Supreme Court और FSSAI का आमना-सामना; FMCG सेक्टर पर बड़ा असर और चेन्नई में प्रदूषण पर सख्ती

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AuthorAditya Rao|Published at:
Supreme Court और FSSAI का आमना-सामना; FMCG सेक्टर पर बड़ा असर और चेन्नई में प्रदूषण पर सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को पैकेज्ड फूड पर अनिवार्य न्यूट्रिशनल लेबलिंग के लिए सख्त डेडलाइन देने का निर्देश दिया है। वहीं, चेन्नई में बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन अब सख्त एक्शन मोड में आ गया है।

FMCG कंपनियों के लिए बढ़ी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड में नमक, चीनी और फैट की मात्रा बताने वाले 'फ्रंट-ऑफ-पैक' लेबलिंग को लेकर FSSAI पर दबाव बढ़ा दिया है। कोर्ट ने रेगुलेटर से पूछा है कि इस नियम को लागू करने के लिए फिक्स्ड टाइमलाइन क्या होगी। कंपनियों को अब अपने प्रोडक्ट्स पर न्यूट्रिशनल वॉर्निंग को प्रमुखता से दिखाना पड़ सकता है, जो उनके पैकेजिंग और मार्केटिंग खर्चों को प्रभावित करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जिससे निवेशकों को इस सेक्टर में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

चेन्नई में पर्यावरण पर सख्त एक्शन

इधर तमिलनाडु में पर्यावरण और औद्योगिक अनुपालन (compliance) को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। हाल ही में एनोर के पास कोस्थलियार नदी में 2.4 टन मृत मछलियाँ मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और फिशरीज डिपार्टमेंट इस घटना की जांच कर रहे हैं।

इसके अलावा, चेम्बरमबक्कम झील के आसपास 16 अलग-अलग साइटों पर सीवेज प्रदूषण के खतरनाक स्तर पाए गए हैं। प्रशासन ने अब अनधिकृत ड्रेन्स को बंद करने का आदेश दिया है। चेन्नई के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए यह साफ संकेत है कि उन्हें वेस्ट मैनेजमेंट और पॉल्यूशन कंट्रोल नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, जिससे आने वाले समय में कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.