India Meteorological Department उत्तर अंडमान सागर में एक लो-प्रेशर सिस्टम पर नजर रख रहा है, जो 2026 का पहला चक्रवात बन सकता है। इसके 23-24 सितंबर तक ओडिशा और आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है।
उत्तर अंडमान सागर में एक ट्रॉपिकल वेदर सिस्टम बनता हुआ दिखाई दे रहा है, जिस पर India Meteorological Department (IMD) की पैनी नजर है। यह सिस्टम 2026 के पहले चक्रवात का रूप ले सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वेदर सिस्टम उत्तरी थाईलैंड से शुरू हुआ है और अगले हफ्ते तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने के आसार हैं।\n\n### मौसम विभाग और मॉडल्स की राय\n\nEuropean Centre for Medium-Range Weather Forecasts और United States Global Forecast System जैसे इंटरनेशनल वेदर मॉडल्स भी 23-24 सितंबर के आसपास चक्रवात के विकसित होने की संभावना जता रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि तूफान की ताकत और उसका सटीक रास्ता अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। यदि यह सिस्टम संगठित होता है, तो इसे 'Arnab' नाम दिया जाएगा, जो नवंबर 2025 के बाद उत्तर हिंद महासागर में पहला चक्रवात होगा।\n\n### आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर\n\nओडिशा और आंध्र प्रदेश कृषि उत्पादन, पोर्ट लॉजिस्टिक्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण राज्य हैं। किसी भी संभावित तूफान से पोर्ट ऑपरेशंस ठप हो सकते हैं, पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ सकता है और फसलों को नुकसान पहुंचने का रिस्क रहता है। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन और शिपिंग ऑपरेटर्स अलर्ट मोड पर हैं।\n\nफिलहाल, इन्वेस्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को IMD के अगले बुलेटिन का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि क्या यह लो-प्रेशर सिस्टम एक डिप्रेशन में बदलेगा या बड़े चक्रवात का रूप लेगा।
